चेन्नई: जीएसटी अधिकारियों के साथ तनातनी के बाद व्यापारियों ने प्रतिष्ठान बंद रखे
बेवजह परेशान किए जाने का आरोप लगाया
बाजार में बंद व्यापारिक प्रतिष्ठान
चेन्नई/दक्षिण भारत। चेन्नई के सौकारपेट में जीएसटी अधिकारियों की टीम के साथ तनातनी के बाद व्यापारियों ने शनिवार को अपने प्रतिष्ठान बंद रखे। दरअसल जीएसटी अधीक्षक निशांत के नेतृत्व में एक टीम गुरुवार शाम लगभग 4 बजे मिंट स्ट्रीट स्थित महिपाल स्टेनलेस पहुंची और जांच करने लगी। इससे व्यापारी आक्रोशित हो गए। देखते ही देखते 300 से ज्यादा लोगों की भीड़ जुट गई और अधिकारियों का घेराव कर लिया। इस दौरान भारी हंगामा हुआ।
अधिकारियों से संदेश मिलने के बाद एलिफेंट गेट पुलिस स्टेशन के कर्मी वहां पहुंचे और उन्हें बाहर निकाला। टीम में निरीक्षक अज़ीज़, सुशील और अन्य अधिकारी शामिल थे। व्यापारियों ने आरोप लगाया कि उन्हें बेवजह परेशान किया जा रहा है। उन्होंने जांच पर आपत्ति जताते हुए ऑडिट के गैर-कानूनी होने का दावा किया।'जीएसटी चुकाने में आपत्ति नहीं'
व्यापारियों का कहना है कि उन्हें जीएसटी चुकाने में आपत्ति नहीं है, लेकिन कोई भी प्रक्रिया नियमानुसार होनी चाहिए। अचानक जीएसटी अधिकारियों के आने से भय फैलता है, कई आशंकाएं जन्म लेती हैं और व्यापार के संचालन पर असर पड़ता है।
व्यापारियों ने मांग की कि आयुक्त समेत जीएसटी के वरिष्ठ अधिकारियों को मौके पर आना चाहिए और कार्रवाई के बारे में बताना चाहिए।
अधिकारियों को पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया
व्यापारियों के घेराव और आक्रोश की सूचना मिलने पर पहुंचे पुलिसकर्मियों ने बातचीत के ज़रिए हालात को सामान्य बनाने की कोशिश की। जब कोई सुलह नहीं हुई तो फ्लावर बाज़ार के पुलिस उपायुक्त पहुंचे और व्यापारियों के साथ बातचीत की। इसके बाद माहौल कुछ शांत हुआ और जीएसटी अधिकारियों को सुरक्षित एलिफेंट गेट पुलिस स्टेशन पहुंचाया गया।
शांति और अनुशासन का ध्यान रखने की अपील
व्यापारियों के फ़ेडरेशन के बैनर तले और 52 ट्रेड एसोसिएशन के समर्थन से शनिवार को बंद के आह्वान के कारण दुकानों के शटर बंद रहे। इससे बाजारों में लोगों की आवाजाही बहुत कम रही। व्यापारियों ने बंद के दौरान शांति और अनुशासन का खास ध्यान रखने की अपील की थी। इस मुद्दे की सोशल मीडिया पर भी काफी चर्चा रही।


