पहले जब हवाईअड्डे बनते थे तो उनके नाम एक ही परिवार के नाम पर चढ़ जाते थे: प्रधानमंत्री
मोदी ने अल्लूरी सीताराम राजू हवाईअड्डे का उद्घाटन किया
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भोगापुरम/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को आंध प्रदेश के भोगापुरम में अल्लूरी सीताराम राजू हवाईअड्डे का उद्घाटन किया। साथ ही, विभिन्न विकास परियोजनाओं का शुभारंभ किया।
उन्होंने कहा कि आज का यह आयोजन नया इतिहास, नया रिकॉर्ड रचने का भी है। आज एक ओर विकास के नए रिकॉर्ड बन रहे हैं, साथ ही ढिमसा डांस का सास्कृतिक रिकॉर्ड भी रचा गया है।उन्होंने कहा कि 13 हजार से ज्यादा आदिवासी बहनों और बेटियों की प्रस्तुति, उनका उत्साह, उनका अनुशासन और आदिवासी संस्कृति का गौरव... यह दृश्य वाकई अद्भुत था। इसमें देश की विविधता की झलक भी थी, और पीढ़ी दर पीढ़ी सहेजकर रखी गई जनजातीय विरासत भी थी।
उन्होंने कहा कि मैं इस प्रस्तुति के लिए आप सभी का, और विशेष रूप से मेरी आदिवासी बहनों-बेटियों का बहुत बहुत अभिनंदन करता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि अल्लूरी सीताराम राजू ने जिस धरती पर आदिवासी हितों के लिए अपना जीवन समर्पित किया, आज उसी धरती पर आंध्र प्रदेश के एक नए हवाईअड्डे की शुरुआत हो रही है।
यह हवाईअड्डा आंध्र और उत्तर आंध्र की ग्रोथ का रनवे है। यह आंध्र के युवाओं के बेहतर भविष्य का लॉन्चपैड है। मैं आंध्र प्रदेश के लोगों को, देश के लोगों को बहुत-बहुत बधाई देता हूं।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पहले जब हवाईअड्डे बनते थे, तो उनके नाम एक ही परिवार के नाम पर चढ़ जाते थे। हमने इस परंपरा को बदला। हमने अयोध्या में हवाईअड्डे का नाम वाल्मीकि के नाम से जोड़ा।
उन्होंने कहा कि हमने पंजाब में संत रविदास के नाम से हवाईअड्डे का नाम जोड़ा। केंद्र की राजग सरकार ने यह निर्णय किया है कि इस नए हवाईअड्डे का नाम अल्लूरी सीताराम राजू के नाम पर होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 12 वर्षों में देश के एविएशन सेक्टर ने असाधारण प्रगति की है। सन् 2014 तक देश में केवल 74 हवाईअड्डे ऑपरेशनल थे। आज यह संख्या 166 है। एक समय था, जब हवाई उड़ाने सिर्फ बड़े शहरों तक ही सीमित थी। राजग सरकार में आज छोटे शहर के साधारण लोग भी फ्लाइट से आ-जा रहे हैं।
उन्होंने कहा कि आज देश ब्ल्यू इकोनॉमी को लगातार मजबूत कर रहा है। हमारा विजन है कि यह पूरा क्षेत्र तटीय आर्थिक गलियारे के रूप में विकसित हो। इसी लक्ष्य के साथ, विशाखापट्टनम से कृष्णापट्टनम तक हमारे पुराने पोर्ट को आधुनिक रूप दिया जा रहा है। इसके अलावा मुलापेटा और रामायापट्टनम में हम नए पोर्ट भी बना रहे हैं।
उन्होंने कहा कि हमारे प्रतिभाशाली युवाओं की प्रतिभा का लाभ आंध्र प्रदेश और देश को ज्यादा से ज्यादा मिले, यह आवश्यक है। इसके लिए हमारा फोकस अब सेमीकंडक्टर जैसी फ्यूचरिस्टिक टेक इंडस्ट्री पर है। विशाखापट्टनम में नए सेमीकंडक्टर प्लांट का शिलान्यास इसी दिशा में एक बड़ा कदम है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार का मंत्र है- इन्वेस्टमेंट से इंप्लॉयमेंट। इसलिए सरकार ने भी अपने तरफ से इन्वेस्टमेंट बढ़ाया है और हम प्राइवेट सेक्टर को भी इन्वेस्टमेंट के लिए प्रेरित कर रहे हैं, क्योंकि जब इन्वेस्टमेंट बढ़ता है तो मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है। मैन्युफैक्चरिंग बढ़ती है तो निर्यात बढ़ता है, और निर्यात बढ़ता है तो रोजगार के नए अवसर बनते हैं। जब रोजगार बढ़ता है तो लोगों की आमदनी बढ़ती है। परिवारों की जिंदगी बेहतर होती है।


