केजरीवाल ने पुरानी गाड़ियों में ई20 ईंधन के इस्तेमाल पर चिंता जताई
ऑटो कंपनियों से स्पष्टीकरण मांगा
Photo: AAPkaArvind FB Page
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। आम आदमी पार्टी (आप) के प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने बुधवार को दावा किया कि ऑटोमोबाइल बनाने वाली कंपनियां यह साफ़ तौर पर बताने से हिचकिचा रही हैं कि क्या ई20 फ़्यूल साल 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों के लिए सही है? उन्होंने आरोप लगाया कि उन पर केंद्र सरकार का दबाव है।
एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने 29 ऑटोमोबाइल कंपनियों को पत्र लिखकर यह स्पष्ट करने को कहा है कि क्या साल 2023 से पहले बनी पेट्रोल गाड़ियों में ई20 ईंधन का सुरक्षित रूप से इस्तेमाल किया जा सकता है और क्या इस ईंधन से कोई नुकसान होने पर कंपनियां मरम्मत का खर्च उठाएंगी या माइलेज में कमी के लिए ग्राहकों को मुआवजा देंगी?हालांकि, इन आरोपों पर मैन्युफैक्चरर्स या केंद्र की ओर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली।
केजरीवाल ने कहा कि किसी भी कंपनी ने लिखित में जवाब नहीं दिया, लेकिन नौ मैन्युफैक्चरर्स के अधिकारियों ने उन्हें फ़ोन पर बताया कि साल 2023 से पहले बनी गाड़ियों में ई20 ईंधन का इस्तेमाल करने से इंजन, फ़्यूल सिस्टम और माइलेज पर असर पड़ सकता है। हालांकि, वे इस बात को सार्वजनिक रूप से कहने को तैयार नहीं थे।
उन्होंने आरोप लगाया कि कंपनियां लिखित जवाब नहीं दे रही थीं, क्योंकि अगर गाड़ियों में कोई खराबी या माइलेज कम होने की बात सामने आती, तो ग्राहक मुआवज़े की मांग कर सकते थे।
केजरीवाल ने आगे दावा किया कि केंद्र चाहता था कि मैन्युफैक्चरर्स यह कहें कि ई20 फ्यूल पुरानी गाड़ियों के लिए सुरक्षित है।
उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा ई20 ईंधन को बढ़ावा देने पर भी सवाल उठाए और कहा कि साल 2023 से पहले बने लगभग 30 करोड़ वाहन - जिनमें 22 करोड़ दो-पहिया और आठ करोड़ चार-पहिया वाहन शामिल हैं - इससे प्रभावित हो सकते हैं।
आप प्रमुख ने आगे आरोप लगाया कि इथेनॉल पेट्रोल से ज़्यादा महंगा है, कम कैलोरीफ़िक वैल्यू की वजह से कम माइलेज देता है और इससे किसानों को कोई फ़ायदा नहीं होता।
केजरीवाल ने यह भी दावा किया कि पुलिस शनिवार को कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में ई20 ईंधन पर होने वाले प्रस्तावित नेशनल टाउन हॉल को रद्द करवाने की कोशिश कर रही थी।


