लोकसभा: पेपर लीक विरोधी संशोधन विधेयक को मंजूरी मिली
विपक्ष ने किया भारी हंगामा
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। विपक्ष की नारेबाजी के बीच, लोकसभा ने बुधवार को पेपर लीक रोकने वाले कानून में संशोधन करने वाले विधेयक को मंज़ूरी दे दी। इस संशोधन के तहत अब पेपर लीक के दोषियों को 10 साल तक की सज़ा और 50 लाख रुपए तक का जुर्माना हो सकता है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने 27 जुलाई को सदन में 'सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) संशोधन विधेयक, 2026' पेश किया। इसमें सज़ा के कड़े प्रावधान हैं। यह विधेयक 'कॉकरोच जनता पार्टी' के नेतृत्व में छात्रों के बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के कुछ दिनों बाद पेश किया गया, जिसके कारण धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफ़ा देना पड़ा था।लोकसभा में बोलते हुए जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने नीट पेपर लीक मामले में तेज़ी से कार्रवाई की है और साल 2024 में पेपर लीक विरोधी कानून लागू होने के बाद से 52 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं।
उन्होंने कहा कि संशोधन विधेयक से पता चलता है कि सरकार अनुभव से सीखने के लिए तैयार है। साथ ही, उन्होंने यह बताया कि पिछले कुछ वर्षों में पेपर लीक से जुड़ीं आत्महत्याओं की दर में कमी आई है।
उन्होंने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की आलोचना करते हुए कहा कि उन्हें संसदीय नियमों और सरकार के कामकाज की जानकारी नहीं है।
विधेयक पास होने के तुरंत बाद, लोकसभा की कार्यवाही दिनभर के लिए स्थगित कर दी गई।


