शिवसेना (यूबीटी) में बगावत की चर्चा पर राउत बोले- 'अगर वफ़ादारी बदलनी है तो इस्तीफ़ा दें'
पार्टी में जल्द ही फूट पड़ने की अटकलें हैं
Photo: sanjayraut.official FB Page
मुंबई/दक्षिण भारत। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने बुधवार को बागी सांसदों को चुनौती दी कि अगर वे पाला बदलना चाहते हैं तो पार्टी छोड़ दें। यह बयान उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी में जल्द ही फूट पड़ने की बढ़ती अटकलों के बीच आया है।
नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए राउत ने कहा कि अगर पार्टी में फिर से फूट पड़ती है, तो महाराष्ट्र की जनता और शिवसेना (यूबीटी) के सांसद चुप नहीं बैठेंगे। उन्होंने यह बात साल 2022 में हुई बगावत के संदर्भ में कही।शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सदस्यों में से केवल तीन - अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे - ही राउत की प्रेस कॉन्फ्रेंस में शामिल हुए।
राउत ने बागी नेताओं से कहा, 'उद्धव ठाकरे और शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने सांसदों की जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की है। अगर आप पाला बदलना चाहते हैं तो इस्तीफा दे दें।'
हालांकि, राज्यसभा सदस्य ने कहा कि शिवसेना (यूबीटी) के पास अभी भी पार्टी छोड़ने वाले सांसदों के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि महाराष्ट्र के सांसदों को 15 करोड़ रुपए में खरीदा जा रहा है। राउत ने कहा कि अगर तृणकां और शिवसेना (यूबीटी) जैसी पार्टियां बंट जाती हैं तो चुनाव लड़ने का कोई मतलब नहीं है।
'इसमें भाजपा की कोई भूमिका नहीं'
महाराष्ट्र के वरिष्ठ भाजपा नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने कहा कि उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली शिवसेना (यूबीटी) में दलबदल कराने की किसी भी कथित कोशिश से उनकी पार्टी का कोई लेना-देना नहीं है।
बावनकुले ने नागपुर में कहा, 'मुझे 'ऑपरेशन टाइगर' के बारे में कोई जानकारी नहीं है।' उन्होंने कहा, 'चूंकि मुझे इस बारे में कोई जानकारी नहीं है, इसलिए इस मुद्दे पर टिप्पणी करना मेरे लिए उचित नहीं होगा।'
भाजपा की मिलीभगत के आरोपों को खारिज करते हुए उन्होंने कहा, 'इससे भाजपा का क्या लेना-देना है? हमारा इससे कोई लेना-देना नहीं है। हमें नहीं पता कि 'ऑपरेशन टाइगर' क्या है, इसे कौन लाया और क्यों लाया गया; हमें यह भी नहीं पता। भाजपा का इससे कोई लेना-देना नहीं है।'


