राउत का दावा- 'बागी शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को अतिरिक्त 10 करोड़ रु. दिए गए'
कहा- 'राजस्थान में सुरक्षित जगह पर ले जाया गया'
Photo: sanjay___raut Instagram account
मुंबई/दक्षिण भारत। शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने गुरुवार को दावा किया कि उनकी पार्टी के बागी सांसदों को अतिरिक्त 10 करोड़ रुपए दिए गए हैं और उन्हें राजस्थान में एक सुरक्षित जगह पर ले जाया गया है।
नई दिल्ली में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए राउत ने कहा कि 'गद्दारों' - यानी बागी शिवसेना (यूबीटी) सांसदों - को पुलिस सुरक्षा दी गई है। उन्होंने मांग की कि इन सांसदों और उनकी संपत्तियों को दी गई सुरक्षा वापस ली जाए।उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि पार्टी बागी सांसदों के खिलाफ 'ऑपरेशन तुड़वा' शुरू करेगी। उन्होंने कहा, 'बागी शिवसेना (यूबीटी) सांसदों को 10-10 करोड़ रुपए अतिरिक्त दिए गए हैं। इससे पहले उन्हें 15-15 करोड़ रुपए दिए गए थे। वे दिल्ली से राजस्थान में किसी सुरक्षित जगह पर चले गए हैं।'
राज्यसभा सांसद, जिन्होंने गुरुवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में फिर से अभद्र का इस्तेमाल किया, ने पहले आरोप लगाया था कि सांसदों को पाला बदलने के लिए 50 करोड़ रुपए की पेशकश की जा रही थी।
राउत ने मांग की कि बागी सांसद इस्तीफा दें और दोबारा चुनाव लड़ें। उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि शिवसेना (यूबीटी) के कार्यकर्ताओं ने उनकी जीत सुनिश्चित करने के लिए कड़ी मेहनत की थी।
राउत ने कहा, 'अगर उनमें थोड़ी भी नैतिकता बची है, तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए।'
इससे पहले दिन में, शिवसेना (यूबीटी) के नौ लोकसभा सांसदों में से छह ने यहां हुई पार्टी की संसदीय बैठक में हिस्सा नहीं लिया। इससे संकेत मिलता है कि महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली सत्ताधारी शिवसेना में उनका औपचारिक रूप से शामिल होना तय है।
शिवसेना (यूबीटी) के सांसद अरविंद सावंत, अनिल देसाई और राजाभाऊ वाजे ने बैठक में हिस्सा लिया, साथ ही पार्टी के एकमात्र राज्यसभा सांसद संजय राउत भी मौजूद थे। बाकी छह सांसदों की गैर-मौजूदगी ने पार्टी के संसदीय खेमे में फूट की बात लगभग पक्की कर दी।
बैठक में शामिल नहीं होने वाले सांसदों में नागेश अष्टिकर, संजय देशमुख, संजय जाधव, संजय दीना पाटिल, ओमप्रकाश राजेनिम्बलकर और भाऊसाहेब वाकचौरे शामिल हैं।
सावंत ने कहा कि छह सांसदों को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाएंगे, वहीं राउत ने दावा किया कि उनके न आने को पार्टी व्हिप का उल्लंघन माना जाएगा।


