स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार

दिल्ली के एम्स प्रबंधन ने भारत की स्वतन्त्रता दिवस के उपलक्ष में ५०० रुपए तक की जांच नि:शुल्क करने का जो फैसला लिया है वह निश्चित रूप से सराहनीय है। एम्स के इस ब़डे फैसले से देश के लाखों गरीब मरीज लाभान्वित होंगे। साथ ही मरीजों के साथ आने वाले उनके साथियों को लम्बी कतारों में ख़डे रहकर अपना समय बर्बाद नहीं करना प़डेगा। हालाँकि एम्स में हर आय वर्ग के मरीज आते हैं लेकिन सर्वाधिक फायदा आर्थिक रूप से कमजोर मरीजों को मिलेगा। एम्स पहुँचने वाले कई मरीज ऐसे होते हैं जिनके पास प्राथमिक जांच के लिए दिए जाने वाला शुल्क भी नहीं होता है। ऐसे मरी़जों को ध्यान में रख कर एम्स ने यह फैसला लिया है। इस वर्ग के लोग इस सुविधा से लाभान्वित भी होंगे। देश के कुछ राज्यों में गरीबों के लिए कैंटीन खोली जा रही हैं जिनमें नाममात्र की कीमत पर भरपूर भोजन दिए जाने की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। ऐसे समय में देश के शीर्ष अस्पताल द्वारा गरीब मरी़जों के लिए ५०० रुपए तक की जांच नि:शुल्क किए जाने की घोषणा आर्थिक रूप से कम़जोर लोगों के प्रति सरकारों की निष्ठा सामने आती है। कर्नाटक के बेंगलूरु में शुरु की गई इंदिरा कैंटीन एक ऐसी ही योजना है जिसके तहत प्रति कैंटीन में रो़जाना लगभग १५०० लोगों को १० रुपए में भरपूर खाना मिल सकेगा। जिस तरह की घोषणा एम्स ने की है उसी तरह की सुविधा देश के प्रमुख शहरों के महत्वपूर्ण सरकारी अस्पतालों को भी करनी चाहिए। हालाँकि अभी देश के चिकित्सा संस्थानों बहुत सुधार किए जाने हैं लेकिन अगर एम्स एक बेहतर शुरुआत कर सकता है तो देश के अन्य संस्थान भी इस दिशा में सोच सकते हैं। एम्स में ब़डे ऑपरेशन और अन्य गंभीर चिकित्सा के लिए कई मरी़जों को कई माह तक इंत़जार करना प़डता है। दूरदराज से आए मरीजों के लिए इतना इंतजार करना संभव नहीं होता। ऐसे में अगर देश के विभिन क्षेत्रों में अच्छी चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होगी तो निश्चित रूप से एम्स पर भार काम प़डेगा। देश के कई इलाके ऐसे हैं जहाँ पर अस्पतालों में दवाएं नहीं मिलती और आवशयक सुविधाओं के अभाव में मरी़जों को अपनी जान गंवानी प़ड जाती है। देश में स्वास्थ्य सुविधाओं के बेहतर उपयोग के लिए आवश्यक है कि सभी अस्पतालों में आवश्यक दवाइयां और आधुनिक चिकित्सा तंत्र उपलब्ध हो। देश में अनेक चिकित्सक ऐसे हैं जो न्यूनतम संसाधनों में मरीजों का इलाज कर रहे हैं। अगर ऐसे कौशल चिकित्सकों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएँ तो निश्चित रूप से हमारे देश में लाखों मरी़जों को इसका फायदा होगा।

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