Category archives for: प्रसंग

बाल्टी गुलाम नहीं

बात उन दिनों की है जब भारत आजादी के लिए जद्दोजहद कर रहा था। इस युध्द में अनेक शूरवीरों ने वीरगति प्राप्त की। अंगरेजी जुल्म मानवीयता की हद पार कर चुका था। उसी दौरान एक गांव में एक किसान अपने परिवार के साथ रहता था। उसे एक जून की रोटी खाकर ही सब्र करना पड़ता […]

कलह काल में कांग्रेस

जिस बात का डर था, वह शुरू हो गया है। भारतीय जनता पार्टी का मजाक उड़ाने वाले कांग्रेसी खुद फंसने लगे हैं। मामला कांग्रेस के अंदरूनी सत्ता संघर्ष का है। प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह ने इस पद पर तीसरी पारी खेलने की इच्छा जाहिर कर दी है। वह पं. जवाहरलाल नेहरू का रिकॉर्ड तोड़ना चाहते […]

विश्वास का असर

रामदीन नामक एक व्यक्ति अपने जीवन से बेहद परेशान हो गया था। उसका किसी भी काम में मन नहीं लगता था। चाहे व्यवसाय हो या नौकरी, वह कहीं भी महीने भर से ज्यादा नहीं टिकता था। परिवार में सभी उससे नाराज रहते। उसकी पत्नी उसे छोड़ कर मायके चली गई थी। एक दिन वह एक […]

शिष्य का अहंकार

वैदिक काल में सिंधु नदी के किनारे जंगल में एक महर्षि का आश्रम था। महर्षि अत्यधिक ज्ञानी थे। दूर-दूर से उनके आश्रम में बच्चे शिक्षा ग्रहण करने के लिए आते थे। वे अपने हर शिष्य को पूर्ण मनोयोग से जीवनोपयोगी शिक्षा देते और उनके व्यक्तित्व को संवारने का प्रयास करते। उनके आश्रम में दो शिष्य […]

ज्ञान का प्रकाश

एक गुरु अपने सभी शिष्यों को प्रत्यक्ष उदाहरणों से समझा कर उन्हें ज्ञान प्राप्ति का मार्ग बताया करते थे। एक बार एक प्रिय शिष्य के साथ विचार-विमर्श करते-करते काफी रात हो गई। उस समय रोशनी की सुविधा नहीं थी। शिष्य जब अपने कमरे में जाने के लिए सीढ़ियों से उतरने को हुआ तो गहन अंधकार […]

अनोखा आशीर्वाद

एक बार गुरु नानक देव जी अपने शिष्यों के साथ एक गांव में आए। उस गांव के लोगों ने उनका भव्य स्वागत किया तथा एक कुटिया में उनके रहने की व्यवस्था कर दी। गुरु नानक देव जी उन गांववासियों की सेवा से बेहद प्रभावित हुए। जब वह गांव से रवाना हुए तो उन्होंने गांव वालों […]

मीठे बोल का फल

संत एकनाथ से एक व्यक्ति ने कहा, ‘आपका जीवन कितना सुंदर और शांत है। हम लोगों का जीवन लड़ाई-झगड़ा औरर् ईष्या से भरा रहता है। हम आपके जैसा जीवन जी सकें, उसके लिए क्या उपाय है?’ एकनाथ जी बोले, ‘यह सब रहने दो, मैं तुम्हें एक बात बताता हूं। तुम्हारी मृत्यु समीप है। बस आठ […]

सुख का रहस्य

एक सेठ था। उसके पास हर तरह की सुख-सुविधाएं थीं, मगर वह हमेशा बीमार रहता था। उसकी इस हालत से पत्नी व बच्चे भी बेहद परेशान रहते थे। एक दिन सेठ ने एक महात्मा का प्रवचन सुना। प्रवचन सुनकर वह बहुत प्रभावित हुआ और उनसे मिलने चला गया। सेठ ने अपनी समस्या के बारे में […]

हीरों की खोज

अफ्रीका में एक किसान रहता था जो बहुत सुखी था। वह सुखी इसलिए था क्योंकि वह खुश था। वह खुश इसलिए था क्योंकि वह संतुष्ट था। एक दिन उसके पास एक विद्वान व्यक्ति आया और उसने उसे हीरों के बारे में बताया। यह भी बताया कि हीरे कितने दुर्लभ और अनमोल होते हैं। विद्वान ने […]

एक अनोखी सजा

बहुत पुरानी बात है। दक्षिण भारत में वीरसेन नामक एक राजा राज्य करते थे। वीरसेन थे तो बहुत प्रतापी लेकिन उन्हें अपनी प्रशंसा सुनना काफी अच्छा लगता था। चापलूस दरबारी उनकी तथा राज्य की शासन-व्यवस्था की हमेशा प्रशंसा करते रहते थे, जिससे राजा को राज्य की वास्तविक स्थिति का पता नहीं चल पाता था। राज्य […]

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