मुंहफट पूजा भट्ट

मुंहफट पूजा भट्ट

मुंबई। पूजा भट्ट को जो भी कहना होता है, बेबाक होकर कह देती हैं। यहां तक कि अपने बारे में भी सच को बिना लाग लपेट कहती हैं। पिछले दिनों पूजा ने कहा, हिंदुस्तान में औरतों के उग्र रूप को कोई देखना नहीं चाहता, यहां सिर्फ मदोंर् के गुस्से को सराहा जाता है। अब मैं सती-सावित्री तो हूं नहीं और न ही मुझे सती बनना है। पूजा आगे कहती हैं, जब एक औरत दिल-दिमाग से साफ बात करती है तो लोगों को लगता है कि उसे गुस्सा आ रहा है और उसी अंदाज में जब कोई बात (बगल में बैठे महेश भट्ट की ओर देखते हुए) महेश कहते हैं तो लोग कहते हैं, कितनी इंटेंस बात कह रहे हैं। जब मेरी तरह कोई औरत थो़डी-बहुत खूबसूरत होती है, अपनी सेक्शूऐलटी के साथ कंफर्टेबल है, उसका दिमाग भी साफ-सुथरा है और साफ तौर पर न भी बोलती है तो लोग कहते हैं गुस्सा क्यों आ रहा है। अपनी बात आगे ब़ढाते हुए पूजा कहती हैं, लोग औरत को सिर्फ ग्लैमर पोज और भोली-भाली नादान के रूप में ही देखना पसंद करते हैं। मैं यह बहुत अच्छी तरह समझती और जानती हूं कि मैं क्या चाहती हूं, मैं यह भी जानती हूं कि मुझे क्या नहीं चाहिए।

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