पांच वर्ष में छात्रवृत्ति वाले अफ्रीकी छात्रों की संख्या होगी 50 हजार : जावडेकर

पांच वर्ष में छात्रवृत्ति वाले अफ्रीकी छात्रों की संख्या होगी 50 हजार : जावडेकर

गांधीनगर। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जाव़डेकर ने गुरुवार को कहा कि भारत में अफ्रीकी देशों के छात्रों को दी जाने वाली छात्रवृत्तियों की संख्या अगले पांच वर्ष में लगभग दो गुनी वृद्धि के साथ ५० हजार कर दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि अफ्रीका और भारत सभी क्षेत्रों में एक साथ काम कर सकते हैं क्योंकि दोनो भविष्य के कार्यबल हैं। दोनो की साझेदारी वास्तविक और स्थाई है और उन्हे पूरा यकीन है कि इसका और अधिक विस्तार होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का अफ्रीका के प्रति विशेष लगाव है और भारत इसके साथ संबंधों को और सुदृढ करने के लिए आगे ब़ढ रहा है। जाव़डेकर, यहां महात्मा मंदिर में आयोजित अफ्रीकन डेवलपमेंट बैंक के वार्षिक सम्मेलन के अंतिम दिन कौशल विकास और शिक्षा में सहयोग संबधी सत्र भारत-अफ्रीका कोऑपरेशन-स्किल डेवलपमेंट एंड एजुकेशन एट द एनुअल मीटिंग्स २०१७, सेमिनार में बोल रहे थे। जाव़डेकर ने कहा कि अफ्रीका के अधिकतर छात्रों को भारतीय शिक्षा संस्थानों में प्रवेश दिया जाएगा। अब तक भारत ने २४,००० अफ्रीकी छात्रों को छात्रवृत्ति दी है और अगले ५ वर्षों में इसे दो गुना यानी ५०,००० कर दिया जाएगा।उन्होंने विज्ञान एवं शोध, क्षमता निर्माण और ज्ञान के क्षेत्र में अफ्रीकी देशों के साथ सक्रिय सहयोग ब़ढाने पर ़जोर दिया। उन्होंने कहा कि युवाओं और शिक्षकों का आदान-प्रदान इंडिया-अफ्रीका समिट २०१५ का एक प्रमुख हिस्सा था। भारत ने आईआईटी और आईआईएम में विदेशी छात्रों को आकर्षित करने का निर्णय किया है और इस दिशा में चर्चा भी चल रही है।

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