अमेरिका के नेतृत्व वाले रणनीतिक गठबंधन ‘पैक्स सिलिका’ में शामिल हुआ भारत
‘पैक्स सिलिका क्षमताओं का एक गठबंधन है'
Photo: Indianarmy.adgpi FB Page
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। भारत ने शुक्रवार को अमेरिका के नेतृत्व वाले एक रणनीतिक गठबंधन — ‘पैक्स सिलिका’ — में शामिल होकर महत्त्वपूर्ण खनिजों और एआई के लिए एक सुदृढ़ आपूर्ति चेन बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया।
भारत ने यहां आयोजित एआई इम्पैक्ट समिट में समारोह के दौरान इस गठबंधन में शामिल होने के लिए एक समझौते पर हस्ताक्षर किए।हस्ताक्षर समारोह में केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव और भारत में अमेरिका के दूत सर्जियो गोर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सर्जियो गोर ने कहा कि ‘पैक्स सिलिका’ क्षमताओं का एक गठबंधन है।
अमेरिका के आर्थिक मामलों के अवर विदेश मंत्री जैकब हेलबर्ग ने कहा, 'पैक्स सिलिका इस बात की घोषणा है कि भविष्य उनका है जो निर्माण करते हैं और जब स्वतंत्र लोग एकजुट होते हैं।'
यह कदम दोनों पक्षों द्वारा प्रस्तावित व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने और संबंधों में गंभीर तनाव की अवधि के बाद द्विपक्षीय संबंधों को मजबूत करने के लिए कई अन्य पहलों को आगे बढ़ाने के प्रयासों के बीच उठाया गया है।
‘पैक्स सिलिका’ पहल की शुरुआत पिछले वर्ष दिसंबर में महत्वपूर्ण खनिजों और कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) के लिए एक सुरक्षित, सुदृढ़ और नवाचार-प्रेरित आपूर्ति चेन बनाने के उद्देश्य से की गई थी।
‘पैक्स सिलिका’ शिखर सम्मेलन पिछले वर्ष 12 दिसंबर को वॉशिंगटन में आयोजित किया गया था, जहां साझेदार देशों ने ‘पैक्स सिलिका’ घोषणा पर हस्ताक्षर किए।
यह घोषणा आपूर्ति चेन के माध्यम से कच्चे माल से लेकर सेमीकंडक्टर और एआई इन्फ्रास्ट्रक्चर तक गहरी आर्थिक और तकनीकी सहयोग की साझा दृष्टि को प्रस्तुत करती है और पारस्परिक समृद्धि एवं सुरक्षा के लिए प्रतिबद्धता जताती है।
‘पैक्स सिलिका’ के सदस्य देशों में ऑस्ट्रेलिया, ग्रीस, इज़राइल, जापान, कतर, दक्षिण कोरिया, सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात और ब्रिटेन शामिल हैं। पिछले महीने सर्जियो गोर ने नई दिल्ली को इस रणनीतिक गठबंधन में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया। पैक्स सिलिका के प्रमुख स्तंभों में से एक यह था कि साझेदार देशों में एआई-संचालित समृद्धि को बढ़ावा देने के लिए एक टिकाऊ आर्थिक व्यवस्था स्थापित की जाए।


