कांग्रेस के बड़े नेता ने कहा- मैं 'राहुलवादी' नहीं हूं
बोले- राहुल गांधी 'मुझसे बहुत छोटे हैं'
Photo: IndianNationalCongress FB Page
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणि शंकर अय्यर ने बुधवार को कहा कि वे एक 'गांधीवादी', एक 'नेहरूवादी' और एक 'राजीववादी' हैं, लेकिन 'राहुलवादी' नहीं हैं, क्योंकि राहुल गांधी 'मुझसे बहुत छोटे हैं और अपने राजनीतिक जीवन में मुझसे बहुत दूर हैं।'
अय्यर ने कहा कि उन्होंने यह नहीं कहा कि वे 'इंदिरावादी' हैं, क्योंकि उन्होंने इंदिरा गांधी द्वारा आपात काल की घोषणा कर हमारे लोकतंत्र को 'तानाशाही में बदलने' की कार्रवाई को पूरी तरह अस्वीकार किया, हालांकि वह सिर्फ 18 महीने के लिए थी।हाल में मीडिया में रिपोर्ट किए गए अपने बयान का संदर्भ देते हुए अय्यर ने पूछा, 'जब वह लड़का मुझसे लगभग 30 साल छोटा है और मुझे उसके साथ काम करने का मौका ही नहीं मिला, तो कोई मुझसे कैसे उम्मीद कर सकता है कि मैं 'राहुलवादी' बन जाऊं?'
अपने बयान की व्याख्या करते हुए, पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा, 'मैं छह साल का था और मेरा भाई चार साल का था, जब महात्मा गांधी ने हमें अपनी बाुहों में उठाया और कहा 'ये मेरी आंखों के सूरज और चांद हैं।'
'वहीं से मैं एक 'गांधीवादी' बन गया। नेहरू की बात करें तो जब वे प्रधानमंत्री बने, मैं छह साल का था, और जब उन्होंने यह पद छोड़ा, मैं 23 साल का था, इसलिए मेरे पूरे बचपन के साल नेहरूवादी विचारधारा में ढले हुए थे; यही कारण है कि मैं खुद को नेहरूवादी भी मानता हूं।'
उन्होंने कहा, 'मैं खुद को 'राजीवादी' इसलिए कहता हूं क्योंकि यह वही थे, हालांकि मुझसे दो साल छोटे थे, जिन्होंने मुझे पीएमओ में शामिल करके और जो कुछ किया, उससे मुझे आश्चर्यचकित कर दिया… मैं विश्वास नहीं कर पा रहा था। इस तरह मैं राजीवादी बन गया।'
उन्होंने खुद को 'इंदिरावादी' इसलिए नहीं कहा, क्योंकि वे पूरी तरह अस्वीकार करते थे कि आपात काल की घोषणा कर हमारे लोकतंत्र को 'तानाशाही में बदल दिया था, हालांकि यह केवल 18 महीने के लिए थी।'
अय्यर ने कहा, 'मैंने यह भी जोड़ा कि जब वह लड़का मुझसे 30 साल छोटा है और जिसके साथ मुझे काम करने का मौका ही नहीं मिला, तो आप मुझसे कैसे उम्मीद कर सकते हैं कि मैं 'राहुलवादी' बनूं? इसलिए मैं 'राहुलवादी' नहीं हो सकता, क्योंकि वे मुझसे बहुत छोटे हैं और अपने राजनीतिक जीवन में मुझसे बहुत दूर हैं।'


