ईरान पर अमेरिका-इज़राइल के हमले में 85 छात्राओं की मौत हो गई
फुटेज में मलबे के बीच छोटी लड़कियों के शव दिखाई दिए
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तेहरान/दक्षिण भारत। तेहरान और वॉशिंगटन के बीच शनिवार को बातचीत के एक नए दौर से ठीक पहले हुए अमेरिकी‑इज़राइली हवाई हमलों में ईरान के कई शहरों को निशाना बनाया गया। इस दौरान दक्षिण ईरानी शहर मिनाब के एक बालिका प्राथमिक विद्यालय पर भी हमला हुआ। इसमें 85 छात्राओं की मौत हो गई।
तेहरान टाइम्स के अनुसार, होर्मोज़गान प्रांत के अधिकारियों ने बताया कि कम से कम 85 छात्राओं ने जानें गंवाई हैं। वहीं, 95 छात्राएं घायल हुई हैं। स्थानीय पत्रकारों द्वारा जारी किए गए फुटेज में मलबे के बीच छोटी लड़कियों के शव दिखाई दिए।ईरानी अधिकारियों ने इस हमले की निंदा की है और इसे मासूम बच्चों पर जानबूझकर किया गया अत्याचार और ईरान के खिलाफ़ एक आक्रामक कार्रवाई बताया है।
ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन ने शाजारेह तैय्येबाह प्राथमिक विद्यालय में हुई 'दिल दहला देने वाली घटना' पर गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि जब यह संस्था 'मासूम बच्चों से भरी हुई थी' तब बमबारी करना एक 'क्रूर कृत्य' था।
उन्होंने कसम खाई कि यह ईरान के खिलाफ अपराधों के इतिहास में हमलावरों का अविस्मरणीय हिस्सा बन जाएगा। बयान में इस कृत्य की कड़ी निंदा की गई और घायल लोगों के लिए तत्काल चिकित्सा सहायता की मांग की गई है।
विदेश मंत्री सैय्यद अब्बास अराघची ने सोशल मीडिया पर चेतावनी दी कि हमला 'बिना जवाब दिए नहीं जाएगा।' उन्होंने तबाह हुई जगह की तस्वीरें शेयर कीं और ज़ोर दिया कि दिन के उजाले में हुए बम धमाके का निशाना ऐसी जगह थी, जो बच्चों से भरी हुई थी।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने कहा कि यह स्ट्राइक साफ़ तौर पर 'आक्रामकता और आतंकवाद का कृत्य' था। बघाई ने कहा कि यह कार्रवाई युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ़ अपराध, दोनों है।


