उप्र चुनाव: बसपा करेगी गठबंधन? मायावती ने कर दिया स्पष्ट

मायावती ने मीडिया को संबोधित किया

उप्र चुनाव: बसपा करेगी गठबंधन? मायावती ने कर दिया स्पष्ट

Photo: @Mayawati X account

लखनऊ/दक्षिण भारत। उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री एवं बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की प्रमुख मायावती ने आगामी विधानसभा चुनावों में गठबंधन को लेकर स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा है कि बसपा अपने बूते ही चुनाव लड़ेगी।

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मायावती ने मीडिया को संबोधित करते हुए कहा कि इन दिनों एआई को सफलता की कुंजी बताने की स्वार्थी चर्चाओं के बीच अब मीडिया जगत में भी किसी न किसी बहाने बसपा के बारे में यह चर्चा है कि उत्तर प्रदेश में पार्टी विधानसभा का चुनाव गठबंधन में लड़ेगी। यह विशुद्ध रूप से लोगों को गुमराह करने की नीयत वाली फेक न्यूज है। यह बिल्कुल गलत, झूठ, हवाहवाई और मनगढ़ंत ख़बर है। ऐसे में नेताओं के साथ-साथ मीडिया को भी इस प्रकार की कटी पतंग जैसी उड़ान भरके अपना मजाक खुद उड़ाने से ज़रूर बचना चाहिए।

बसपा ने बताया कि अपने बूते चुनाव लड़ने के बारे में राष्ट्रीय अध्यक्ष द्वारा एक बार नहीं, बल्कि कई बार सार्वजनिक तौर पर तथा पिछले साल 9 अक्टूबर को कांशीराम की पुण्यतिथि के मौके पर लखनऊ में आयोजित रैली में भी इसकी खुली घोषणा की गई थी। इसकी पूरे देश में चर्चा होने के बाद अब ऐसी किसी भी चर्चा व बहस आदि की कोई संभावना नहीं बची है। फिर भी कुछ लोग और कुछ मीडिया भी इनकी घिनौनी साज़िश में पड़कर इस प्रकार की उल्टी-पुल्टी और गलत खबर प्रचारित करने की फर्जी उड़ान भरकर अपना समय और इमेज दोनों बर्बाद करते हैं तो इसे बसपा विरोधी हथकंडा ही माना जाएगा। इस पर लोगों को ध्यान देने की बिल्कुल भी ज़रूरत नहीं है।

बसपा ने कहा कि लोगों को यह अच्छी तरह से मालूम है कि कांग्रेस, सपा और भाजपा आदि की सोच संकीर्ण और डॉ. अंबेडकर विरोधी होने के कारण गठबंधन करने की नीति केवल इनके वोटों का राजनीतिक व चुनावी स्वार्थ है। इनसे गठबंधन करने से बसपा को नुकसान ही नुकसान होता है, फायदा नहीं होता है। इसीलिए बसपा के लोग अपने साल 2027 के मिशन में अकेले ही पूरे जी-जान से लगे हुए हैं। उनका ध्यान भटकाने के लिए ही इस प्रकार की घिनौनी साजिशें करते रहते हैं।

बसपा ने अपने नेताओं और कार्यकर्ताओं से कहा कि ऐसी अनर्गल व मनगढंत बातों पर बिल्कुल ध्यान न दें और वे हाथी की मस्त चाल चलते रहें तथा साल 2007 की तरह अकेले ही यह चुनाव लड़कर फिर से पार्टी की पूर्ण बहुमत की अपनी सरकार ज़रूर बनाएं।

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