इज़राइली और अमेरिकी स्ट्राइक्स में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत

ईरान में कई लोग मना रहे जश्न

इज़राइली और अमेरिकी स्ट्राइक्स में ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई की मौत

Photo: @Khamenei_fa X account

तेहरान/दक्षिण भारत। ईरान के सर्वोच्च नेता खामेनेई को इज़राइली और अमेरिकी स्ट्राइक्स में मार दिया गया है। ईरान के सरकारी मीडिया ने रविवार को यह जानकारी दी।

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जेरूसलम पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस कार्रवाई में खामेनेई की बेटी, पोता, बहू और दामाद भी मारे गए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पोस्ट में पुष्टि की है कि उन्हें भी विश्वास है कि खामेनेई शनिवार को मारे गए।

इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने शनिवार शाम को एक टेलीविज़न संबोधन में कहा कि खामेनेई के मारे जाने के 'बढ़ते संकेत' हैं।

एक्स पर एक पोस्ट में, निर्वासित क्राउन प्रिंस रेजा पहलवी ने खामेनेई की मौत का जश्न मनाया। उन्होंने एक बयान में कहा, 'अली खामेनेई, हमारे समय का खूनी ज़ह्हाक, जिसने ईरान के हजारों बहादुर बेटों की हत्या की, इतिहास के पन्नों से मिटा दिया गया है। उसकी मौत के साथ ही इस्लामी गणराज्य वस्तुतः अपने अंत तक पहुंच चुका है और बहुत जल्द इतिहास के कूड़ेदान में फेंक दिया जाएगा।'

उन्होंने कहा, 'ईरान के सम्मानित और साहसी लोगों, यह हमारे महान राष्ट्रीय उत्सव की शुरुआत हो सकती है, लेकिन यह अंत नहीं है। सतर्क और तैयार रहिए। सड़कों पर व्यापक और निर्णायक उपस्थिति का समय बहुत निकट है।'

'एक साथ, एकजुट और दृढ़ होकर, हम अंतिम विजय सुनिश्चित करेंगे और अपने अहुरीक (आहुरा द्वारा निर्मित) भूमि भर में ईरान की आज़ादी का उत्सव मनाएंगे।' 

खामेनेई ने साल 1989 से ईरान के इस्लामी गणराज्य पर शासन किया था। इससे पहले उन्होंने साल 1981 से 1989 तक रुहोल्लाह खुमैनी के शासन के तहत राष्ट्रपति के रूप में कार्य किया था। वे 86 वर्ष के थे।

शनिवार को, ईरानी अधिकारियों ने कहा था कि तेहरान में इजराइली हमले के बाद खामेनेई की एक रिकॉर्डिंग जारी की जाएगी। हालांकि शुरुआत में यह कहा जा रहा था कि खामेनेई घायल हुए हैं।

साल 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से खामेनेई की हत्या के कई बार प्रयास किए गए थे। 27 जून, 1981 को तेहरान की एक मस्जिद में बम धमाका होने से खामेनेई गंभीर रूप से घायल हुए थे। उनके दाएं हाथ को लकवा हो गया था।

साल 1939 में ईरान के मशद शहर में जन्मे खामेनेई साल 1958 में क़ोम में बस गए थे। वे वहां खुमैनी के संपर्क में आए थे। उनके छह बच्चे हैं। उनमें से एक मोजतबा को उनका संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा है।

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