जब तक भारत की सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक देश सुरक्षित नहीं रहेगा: अमित शाह
कहा- ममता बनर्जी ने बाड़ लगाने के लिए ज़मीन उपलब्ध नहीं कराई थी
Photo: amitshahofficial FB Page
सिलीगुड़ी/दक्षिण भारत। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को कहा कि जब तक सीमाएं सुरक्षित नहीं होंगी, तब तक न तो पश्चिम बंगाल और न ही भारत सुरक्षित रहेगा। उन्होंने अफ़सोस जताया कि बार-बार अनुरोध करने के बावजूद, तत्कालीन मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने राज्य में भारत-बांग्लादेश सीमा पर बाड़ लगाने के लिए ज़रूरी ज़मीन उपलब्ध नहीं कराई थी।
यह बताते हुए कि राज्य के किसी भी पूर्व मुख्यमंत्री ने कभी सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) या बीएसएफ के कार्यक्रमों में हिस्सा नहीं लिया, शाह ने बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को इस पुरानी परंपरा को तोड़ने के लिए बधाई दी।शाह ने सिलीगुड़ी में एसएसबी के फ्रंटियर हेडक्वार्टर में कई एसएसबी प्रोजेक्ट्स के शिलान्यास समारोह में कहा, 'बीएसएफ द्वारा सीमा पर बाड़ लगाने के लिए ज़मीन की मेरी ज़ोरदार अपील पर ममता बनर्जी ने कोई ध्यान नहीं दिया। मैं सन् 2014 से ही सीमा सुरक्षा को मज़बूत करने के लिए 1,129 एकड़ ज़मीन की मांग कर रहा था। राज्य में अधिकारी सरकार बनने के बाद ही हमें ज़मीन का टुकड़ा मिला।'
यह कहते हुए कि एसएसबी कोई राजनीतिक संगठन नहीं है, शाह ने कहा कि बॉर्डर फ़ोर्स के समारोहों से पिछले मुख्यमंत्रियों का दूर रहना गलत संकेत देता है।
शाह ने कहा कि उन्हें इस बात का दुख है कि देश की आज़ादी के बाद से भारत में पिछली सरकारों ने राष्ट्रीय गीत 'वंदे मातरम्' को उचित सम्मान नहीं दिया।
उन्होंने कहा, 'इस साल स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान लाल किले पर गाए जाने से पहले भारत में 'वंदे मातरम्' का पूरा संस्करण कभी नहीं गाया गया था। मुझे इस बात से सुकून मिलता है कि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचे गए इस गीत को देश ने आखिरकार इसकी रचना के 150वें वर्ष में मान्यता दी है।'


