'पहले सीमावर्ती इलाकों को नज़रअंदाज़ किया जाता था, लेकिन अब यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है'
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा...
Photo: KirenRijiju FB Page
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने गुरुवार को कहा कि पहले सीमावर्ती इलाकों को नज़रअंदाज़ किया जाता था, लेकिन अब वे नरेंद्र मोदी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता हैं। उन्होंने अरुणाचल प्रदेश में चीन की नई घुसपैठ के दावों का खंडन करते हुए यह बात कही।
रिजिजू ने संसद में पूर्व रक्षा मंत्री एके एंटनी के सन् 2013 के उस बयान का भी ज़िक्र किया, जिसमें उन्होंने भारत की उस पुरानी नीति को माना था जिसके तहत सीमावर्ती इलाकों को अविकसित रखा जाता था। हालाँकि, एंटनी ने तब यह भी कहा था कि संप्रग के सत्ता में आने से बहुत पहले ही बाद की सरकारों ने इस नीति को छोड़ दिया था।अरुणाचल प्रदेश के ऊपरी सुबनसिरी इलाके में चीन की सैन्य गतिविधियों को लेकर फिर से चिंताएं बढ़ गई हैं, और इसी बीच लोकसभा में अरुणाचल पश्चिम का प्रतिनिधित्व करने वाले रिजिजू की ये टिप्पणियां आई हैं।
रिजिजू ने एक्स पर एक पोस्ट में कहा, 'कुछ लोगों ने सीमा के बारे में यूं ही टिप्पणी की। सीमा वाले इलाके मुश्किल भरे होते हैं, लेकिन नरेंद्र मोदी सरकार सीमा के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। इंफ्रास्ट्रक्चर के कामों में तेज़ी लाने के लिए मैं अरुणाचल प्रदेश के माज़ा, गैलेमो और टक्सिंग इलाकों में गया था। पहले सीमावर्ती इलाकों को नज़रअंदाज़ किया जाता था, लेकिन अब यह हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है।'
एक अलग पोस्ट में, उन्होंने सीमा पर बुनियादी ढांचे के मामले में कांग्रेस के रिकॉर्ड पर निशाना साधा।
उन्होंने कहा, 'कांग्रेस नेताओं में एके एंटनी बहुत ईमानदार हैं। रक्षा मंत्री के तौर पर उन्होंने संसद में कांग्रेस सरकार की उस नीति को स्वीकार किया था, जिसके तहत सीमा पर बुनियादी ढांचा नहीं बनाया जाता था।'
रिजिजू 6 सितंबर, 2013 को लोकसभा में एंटनी के उस बयान का ज़िक्र कर रहे थे, जिसमें तत्कालीन रक्षा मंत्री ने माना था कि चीन ने सीमा पर काफ़ी बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर बनाया है और भारत के पीछे रहने की वजह आज़ादी के बाद दशकों तक अपनाई गई नीति को बताया था।
इस नीति के पीछे की ऐतिहासिक सोच के बारे में बताते हुए एंटनी ने कहा था, 'आज़ाद भारत की कई सालों तक यह नीति रही कि सबसे अच्छा बचाव यही है कि सीमा का विकास न किया जाए। विकसित सीमा की तुलना में अविकसित सीमा ज़्यादा सुरक्षित होती है। इसलिए, कई सालों तक सीमावर्ती इलाकों में सड़कें या एयरफ़ील्ड नहीं बनाए गए।'


