'कर्नाटक का विकास देश के विकास को और मज़बूत करेगा'
राज्यपाल ने लोक भवन में राष्ट्रीय ध्वज फहराया
थावरचंद गहलोत ने सबको शुभकामनाएं दीं
बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के राज्यपाल थावरचंद गहलोत ने शनिवार को 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर लोक भवन में महात्मा गांधी और डॉ. अंबेडकर की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित की और राष्ट्रीय ध्वज फहराया।
राज्यपाल ने अपने संबोधन में सबको शुभकामनाएं देते हुए कहा, 'कर्नाटक अपनी समृद्ध संस्कृति, ज्ञान-परंपराओं, इनोवेशन और विविधता में एकता की भावना के लिए जाना जाता है। कर्नाटक की धरती पर वीरता और देशभक्ति की शानदार परंपरा रही है और इसने स्वतंत्रता संग्राम में उल्लेखनीय योगदान दिया था।'उन्होंने कहा, 'बेंगलूरु, भारत की टेक्नोलॉजी और इनोवेशन क्षमताओं के प्रतीक के तौर पर उभरा है। कर्नाटक के प्रतिभाशाली युवा, वैज्ञानिक, उद्यमी, किसान, मज़दूर, शिक्षक और महिलाएं न सिर्फ़ राज्य के विकास में, बल्कि देश के निर्माण में भी महत्त्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। कर्नाटक का विकास देश के विकास को और मज़बूत करेगा।'
उन्होंने कहा, 'गृह ज्योति, अन्न भाग्य, शक्ति, गृह लक्ष्मी और युवा निधि जैसी प्रमुख पहल लोगों को मदद पहुंचा रही हैं। ज़रूरतमंदों को आर्थिक सहायता भी दी जा रही है। आर्थिक विकास को मज़बूत करने के साथ, हमारा लक्ष्य ऐसा कर्नाटक और भारत बनाना होना चाहिए जहां सामाजिक न्याय, समान अवसर, अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, पर्यावरण संरक्षण और मानवीय गरिमा सुनिश्चित हो।'
राज्यपाल ने कहा, 'हमारे युवाओं के सामने अपार अवसर हैं। उन्हें अपनी क्षमताओं पर भरोसा रखना चाहिए, ज्ञान को अपनी ताकत बनाना चाहिए और खुद को देश की सेवा में समर्पित करना चाहिए। उन्हें असफलता से निराश नहीं होना चाहिए, क्योंकि यह सफलता की राह में एक महत्त्वपूर्ण पड़ाव है।'
उन्होंने कहा, 'हमारे समाज और देश की तरक्की में महिलाएं महत्त्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। हमें ऐसा माहौल बनाना चाहिए जिसमें हर महिला को अच्छी शिक्षा, आत्मनिर्भर बनने के मौके, सुरक्षा, सम्मान और अपनी आकांक्षाओं को पूरा करने की आज़ादी मिले।'
उन्होंने कहा, 'किसान हमारे अन्नदाता हैं। हमारे सैनिक देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं। वैज्ञानिक और डॉक्टर मानवता की सेवा करते हैं। शिक्षक आने वाली पीढ़ियों का भविष्य संवारते हैं। मज़दूर और कर्मचारी विकास की नींव हैं। इन सभी का योगदान राज्य और देश को मज़बूत बनाता है।'
राज्यपाल ने कहा कि संविधान ने लोगों को न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारे के महान आदर्श दिए हैं। उन्होंने कहा, 'हमें इनको अपने आचरण में उतारना चाहिए और एक मजबूत कर्नाटक तथा और भी मजबूत भारत के निर्माण की दिशा में मिलकर काम करना चाहिए।'


