'राजभाषा को एआई से जोड़कर काम को बना सकते हैं सरल'
नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की बैठक हुई
बैठक में उपस्थित रहे अधिकारी
बेंगलूरु/दक्षिण भारत। केंद्रीय गृह मंत्रालय के राजभाषा विभाग द्वारा गठित उपक्रम-2 की नगर राजभाषा कार्यान्वयन समिति की पहली अर्धवार्षिक समीक्षा बैठक का आयोजन पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लि. के क्षेत्रीय मुख्यालय ने गुरुवार को किया। इसका उद्देश्य केंद्र सरकार के उपक्रम कार्यालयों में राजभाषा नीति के कार्यान्वयन की समीक्षा करना और प्रयोग को सुनिश्चित करने के लिए साझा मंच देना है।
बैठक की अध्यक्षता पावर ग्रिड के द.क्षे. 2 के कार्यपालक निदेशक मुकुद शरद हेज़ीब ने की। उन्होंने कहा कि राजभाषा को एआई और सूचना प्रौद्योगिकी के साथ जोड़ते हुए कार्मिकों के रोजमर्रा के काम को सरल बनाया जा सकता है। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लि. के बेंगलूरु कॉम्पलेक्स के निदेशक रजनीश शर्मा ने कहा कि हमें क्षेत्रीय संस्कृति को आत्मसात करते हुए भारतीय भाषाओं में जनसुविधाएं उपलब्ध कराना सुनिश्चित करना चाहिए।राजभाषा विभाग के क्षेत्रीय कार्यान्वयन कार्यालय के उपनिदेशक निर्मल कुमार दुबे ने सभी पीएसयू कार्यालयों में राजभाषा में कामकाज की समीक्षा की। केंद्रीय अनुवाद ब्यूरो के सहायक निदेशक जयवीर ने राजभाषा कामकाज में अनुवाद प्रशिक्षण के महत्त्व को दर्शाया। हिंदी शिक्षण योजना के प्रभारी अनिल कुमार साहू ने कार्मिकों के हिंदी प्रशिक्षण की समीक्षा की। बैठक में पावरग्रिड के वरिष्ठ महाप्रबंधक तनवीर मण्ड्यप्पुरथ ने स्वागत संबोधन दिया। बैठक का समन्वय सदस्य सचिव व उप महाप्रबंधक नारायण साव ने किया।
इस दौरान नराकास का विजन, मिशन और संकल्प जारी किया गया। पत्रिका 'कावेरी-चंदन' के पहले अंक का लोकार्पण उप-समिति के सदस्यों भारतीय खाद्य निगम के राजभाषा प्रबंधक मनोज कुमार साव, गेल इंडिया लि. की राजभाषा अधिकारी अदिति साव, एमआरपीएल के हिंदी अनुवादक राकेश झा, राइट्स लि. के सहायक सुमित कुमार सिन्हा ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में किया।
राजभाषा विभाग के पूर्व उपनिदेशक राजेंद्र प्रसाद वर्मा ने एआई और कंप्यूटर पर हिंदी में काम करने के लिए आईटी टूल्स पर प्रस्तुति दी। बैठक का संचालन राजभाषा की सहायक प्रबंधक रजनी साव और अदिति साव ने किया। बैठक में भारत सरकार के विभिन्न उपक्रम कार्यालयों के अधिकारियों ने भाग लिया।


