'ऑपरेशन सिंदूर' ने दिखाया कि नागरिकों की सुरक्षा के लिए भारत किसी भी हद तक जा सकता है: राजनाथ
दिल्ली छावनी के बेस हॉस्पिटल में बोले रक्षा मंत्री
Photo: RajnathSinghBJP FB Page
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने रविवार को कहा कि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने देश की सेनाओं के बेमिसाल साहस को दिखाया और दुनिया को यह संदेश दिया कि भारत अपने नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किसी भी हद तक जा सकता है।
वे दिल्ली छावनी के बेस हॉस्पिटल में आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान में मौजूद आतंकवादियों और उनके आकाओं को खत्म करने और भारत पर बुरी नज़र डालने की हिम्मत करने वालों को कड़ा सबक सिखाने के लिए रक्षा बलों की तारीफ़ की।
विशाल रक्तदान शिविर का ज़िक्र करते हुए राजनाथ सिंह ने कहा कि यह शिविर करुणा का प्रतीक है, जबकि 'ऑपरेशन सिंदूर' ने साहस का प्रदर्शन किया। रक्षा मंत्रालय के एक बयान के अनुसार, इस शिविर में महाराष्ट्र के लगभग 1,000 पहलवानों और खिलाड़ियों ने रक्तदान किया और सशस्त्र बलों के प्रति निस्वार्थ सेवा और एकजुटता की भावना का प्रदर्शन किया।
केंद्रीय मंत्री ने रक्तदाताओं का आभार व्यक्त करते हुए भरोसा जताया कि आज दान किया गया रक्त भविष्य में जरूरतमंद सैनिकों और उनके परिवारों के लिए एक विश्वसनीय भंडार के रूप में काम आएगा।
उन्होंने रक्तदान को 'जीवनदान' और 'महादान' बताते हुए इस बात पर जोर दिया कि विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में उल्लेखनीय प्रगति के बावजूद, अभी तक मानव रक्त का कोई कृत्रिम विकल्प विकसित नहीं किया जा सका है।
राजनाथ सिंह ने कहा, 'जब हम सन् 2047 में अपनी आज़ादी के 100 साल पूरे होने का जश्न मनाएंगे, तो हमारा मकसद सिर्फ़ एक विकसित अर्थव्यवस्था तक ही सीमित नहीं होना चाहिए; हमें एक ऐसे संवेदनशील समाज की भी कल्पना करनी चाहिए जहां लोग स्वस्थ और सुरक्षित हों, और ज़रूरत के समय खून जैसे कीमती संसाधन आसानी से उपलब्ध हों।'
बयान के अनुसार, इस कार्यक्रम में महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, आयुष राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) प्रताप राव जाधव, महाराष्ट्र के उद्योग मंत्री उदय रवींद्र सामंत, सांसद श्रीकांत एकनाथ शिंदे, सेना प्रमुख जनरल धीरज सेठ, सशस्त्र बल चिकित्सा सेवा की महानिदेशक सर्जन वाइस एडमिरल आरती सरीन और अन्य वरिष्ठ सैन्य व नागरिक गणमान्य व्यक्ति शामिल हुए।


