जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफ़ा नहीं देते, तब तक कोई बातचीत नहीं होगी: राहुल गांधी
'छात्रों के साथ हुई बर्बरता के लिए माफ़ी मांगें प्रधानमंत्री'
Photo: IndianNationalCongress FB Page
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी ने शुक्रवार को कहा कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पेपर लीक होने की ज़िम्मेदारी लेते हुए इस्तीफ़ा नहीं देते और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के लिए माफ़ी नहीं मांगते, तब तक सरकार के साथ कोई बातचीत नहीं होगी।
संसद भवन परिसर में बोलते हुए, लोकसभा में विपक्ष के नेता ने यह भी दावा किया कि उन्हें सदन में बोलने नहीं दिया गया।राहुल गांधी ने कहा, '(संसदीय कार्य मंत्री किरेन) रिजिजू ने लोकसभा में बयान दिया और कांग्रेस सांसदों से चर्चा शुरू करने को कहा। जब भी किसी का नाम लिया जाता है, तो उस व्यक्ति से जवाब देने के लिए कहना सामान्य बात है। हालांकि, जब मैं रिजिजू को जवाब देने के लिए खड़ा हुआ, तो मुझे बोलने नहीं दिया गया और मेरा माइक बंद कर दिया गया।'
इससे पहले, राहुल गांधी ने अपने एक्स अकाउंट पर कहा, 'मिस्टर मोदी, हमारे छात्र धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफ़े की मांग कर रहे हैं। आधी रात को जारी इस निरर्थक वीडियो से उनकी समझदारी का अपमान न करें। 1. प्रधान को हटाएं। 2. छात्रों की पिटाई करने वालों को सज़ा दें। 3. माफ़ी मांगें।'
बता दें कि कांग्रेस की यह आलोचना तब आई जब मोदी ने गुरुवार देर रात जारी एक वीडियो संदेश में घोषणा की कि केंद्रीय मंत्रिमंडल संसद के मॉनसून सत्र में पेश करने से पहले पेपर लीक से जुड़े प्रस्तावित कानून को अंतिम रूप देगा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने कहा कि जब संसद का सत्र चल रहा हो, तो प्रधानमंत्री को वीडियो संदेश के ज़रिए बात करने के बजाय संसद में बयान देना चाहिए।
'आज संसद आने से पहले, कृपया धर्मेंद्र प्रधान को हटा दें। सबसे पहले, छात्रों से माफ़ी मांगें और उन लोगों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करें जिन्होंने छात्रों की आवाज़ दबाने के लिए लाठी और पैलेट गन के इस्तेमाल का आदेश दिया था। उसके बाद हम शिक्षा व्यवस्था पर विस्तार से चर्चा करने के लिए तैयार हैं।'


