छात्रों पर पुलिस की कार्रवाई के खिलाफ़ विपक्ष ने संसद परिसर में विरोध प्रदर्शन किया
शाह से माफ़ी की मांग की
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। संसद भवन परिसर में सोमवार को कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा समेत विपक्षी सांसदों ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों के साथ कथित पुलिस बर्बरता के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया और गृह मंत्री अमित शाह से माफ़ी की मांग की।
कई सांसदों ने प्लेकार्ड और एक बड़ा बैनर लेकर संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों के सामने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने नारे लगाए और प्रदर्शनकारी छात्रों के खिलाफ पुलिस की कथित ज्यादतियों को लेकर गृह मंत्री से जवाब मांगा।राहुल गांधी और प्रियंका वाड्रा के अलावा, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव, तृणकां की महुआ मोइत्रा और जेएमएम की महुआ माजी सहित अन्य लोगों ने विरोध प्रदर्शन में भाग लिया।
बाद में, द्रमुक सांसदों ने चिकित्सा पाठ्यक्रम में प्रवेश के लिए होने वाली नीट पर रोक लगाने की मांग करते हुए अलग से विरोध प्रदर्शन किया।
कांग्रेस के नेतृत्व वाला विपक्ष इस मुद्दे पर संसद में सरकार पर दबाव बनाए रखने की तैयारी में है। उसके नेता छात्रों पर हुए हमले के लिए ज़िम्मेदार लोगों के ख़िलाफ़ कार्रवाई और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व शाह से माफ़ी की मांग कर रहे हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने शाह को पत्र लिखकर शांतिपूर्ण ढंग से विरोध कर रहे छात्रों पर हुए 'बर्बर हमले' के लिए जवाबदेही की मांग की है और मंत्री से पूछा कि क्या उन्होंने पैलेट गन समेत 'जानलेवा बल' के इस्तेमाल को मंज़ूरी दी थी?
राहुल गांधी ने अपने पत्र में कहा कि किसी भी लोकतंत्र के लिए शांतिपूर्ण विरोध ज़रूरी है और प्रदर्शनकारियों की सुरक्षा करना तथा बातचीत के ज़रिए उनकी शिकायतों का समाधान करना सरकार की ज़िम्मेदारी है।
राहुल गांधी ने कहा, 'इस तरह की बर्बर हिंसा हर नियम-कानून को खत्म कर देती है और इसने देश को झकझोर कर रख दिया है। देश का भविष्य माने जाने वाले युवा और छात्र जवाब और जवाबदेही की मांग कर रहे हैं। उनकी आवाज़ सुनी जाएगी।'


