इसरो का इस वित्तीय वर्ष में 7 लॉन्च का लक्ष्य
अगला मिशन दो महीने के भीतर होगा
Photo: ISRO FB Page
श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश)/दक्षिण भारत। इसरो का लक्ष्य चालू वित्त वर्ष में सात लॉन्च करने का है। उसके चेयरमैन वी नारायणन ने शनिवार को घोषणा की कि अगला मिशन दो महीनों के भीतर लॉन्च किया जाएगा।
स्काईरूट एयरोस्पेस के विक्रम-1 रॉकेट के ऐतिहासिक पहले ऑर्बिटल लॉन्च के बाद एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बोलते हुए, नारायणन ने बताया कि दो सैटेलाइट पहले ही पूरी तरह से तैयार हो चुके हैं, जबकि पांच से छह अन्य सैटेलाइट इंटीग्रेशन के आखिरी चरण में हैं।नारायणन ने कहा, 'इस वित्तीय वर्ष में हमने कम से कम सात लॉन्च का लक्ष्य रखा है। हम दो महीने के अंदर लॉन्च शुरू कर देंगे।'
अंतरिक्ष एजेंसी के आने वाले ऑपरेशनल शेड्यूल में गगनयान मानव अंतरिक्ष उड़ान कार्यक्रम के तहत पहला बिना क्रू वाला मिशन और तय सैटेलाइट लॉन्च शामिल हैं।
प्राइवेट स्टार्टअप 'स्काईरूट एयरोस्पेस' के 'विक्रम-1' की सफल उड़ान को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए, इसरो प्रमुख ने इसकी युवा टीम (जिसकी औसत उम्र 28 साल है) की तारीफ़ की, क्योंकि उन्होंने अपनी पहली ही कोशिश में ऑर्बिटल मिशन को सफलतापूर्वक पूरा किया।
उन्होंने कहा कि इस बड़ी कामयाबी से देश के अंतरिक्ष समुदाय को बहुत संतुष्टि मिली है और यह 'भारत 2047' के विज़न में भी बड़ा योगदान देती है।
वैसे, स्काईरूट एयरोस्पेस के दोनों सह-संस्थापक पवन कुमार चंदाना और नागा भरत डाका पहले इसरो के वैज्ञानिक थे।
नारायणन ने इसरो के गर्व की भावना की तुलना उन माता-पिता की भावना से की जो अपने बच्चों को कामयाबी हासिल करते हुए देखते हैं।
उन्होंने आगे कहा, 'हम बिल्कुल उन माता-पिता की तरह हैं जो बच्चों को अच्छी तरह पढ़ते और पहली रैंक हासिल करते देखकर उत्साहित और गौरवान्वित महसूस करते हैं।'
घरेलू अंतरिक्ष इकोसिस्टम के विकास पर बात करते हुए इसरो के चेयरमैन ने पॉलिसी और स्ट्रक्चर में किए गए बदलावों के असर पर ज़ोर दिया।


