देश का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल रॉकेट 'विक्रम-1' लॉन्च हुआ
इसे 'मिशन आगमन' नाम दिया गया है
Photo: skyrootaerospace FB Page
श्रीहरिकोटा (आंध्र प्रदेश)/दक्षिण भारत। भारत का पहला प्राइवेट ऑर्बिटल-क्लास रॉकेट 'विक्रम-1' शनिवार को इस स्पेसपोर्ट से लॉन्च हुआ। इस रॉकेट में कई टेक्नोलॉजी डेमोंस्ट्रेशन पेलोड और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का एक पोस्टकार्ड भी शामिल है।
हैदराबाद की कंपनी स्काईरूट एयरोस्पेस द्वारा की गई इस टेस्ट फ़्लाइट की लॉन्चिंग, जिसे 'मिशन आगमन' नाम दिया गया है, देश के वाणिज्यिक स्पेस सेक्टर के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि है।शनिवार को बादल छाए रहने के बावजूद, सात मंज़िला ऊंचे और चार चरणों वाले विक्रम-1 रॉकेट ने यहां सतीश धवन स्पेस सेंटर के पहले लॉन्च पैड से दोपहर 12:05 बजे उड़ान भरी। नेविगेशन में कुछ दिक्कतों की वजह से 'प्लान्ड होल्ड' (तय समय पर कुछ देर के लिए रोक) के बाद लॉन्च को सुबह 11:30 बजे के तय समय से 35 मिनट देरी से किया गया।
16 मिनट से कुछ कम समय की अपनी शुरुआती यात्रा के बाद, विक्रम-1 के 60 डिग्री के झुकाव और 450 किलोमीटर की ऊंचाई पर 'लो अर्थ ऑर्बिट' में घरेलू और विदेशी, दोनों तरह के पेलोड को स्थापित करने की उम्मीद है।
विक्रम साराभाई, जिन्हें अक्सर भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम का जनक माना जाता है, के नाम पर रखे गए 'विक्रम-1' को पूरी तरह कार्बन कम्पोजिट स्ट्रक्चर से बनाया गया है। इसे कंपनी द्वारा खुद विकसित किए गए प्रोपल्शन सिस्टम से पावर मिलती है, जिसमें 3डी-प्रिंटेड इंजन और हाई-थ्रस्ट सॉलिड-फ्यूल रॉकेट बूस्टर शामिल हैं।
इस रॉकेट में ग्रह स्पेस, कॉस्मोसर्व, डी-क्यूब्ड और स्काईरूट के अपने स्कोप से जुड़े पेलोड के साथ-साथ 'कॉस्मिक ब्लूम' नाम का एक आर्टवर्क भी ले जाया जा रहा है।


