दिल्ली पुलिस ने सोनम वांगचुक को अस्पताल पहुंचाया
प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की
Photo: wangchuksworld Instagram account
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। जंतर-मंतर पर भूख हड़ताल कर रहे कार्यकर्ता सोनम वांगचुक को शनिवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। उनके अनशन के 21वें दिन उनकी तबीयत बिगड़ गई थी। दिल्ली पुलिस ने यह जानकारी दी है।
पुलिस ने एक बयान में कहा, 'माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों और सोनम वांगचुक की बिगड़ती सेहत को देखते हुए, विशेषज्ञों की मेडिकल सलाह पर उन्हें ज़रूरी इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है।'उसने कहा, 'माननीय उच्च न्यायालय के आदेशों का पालन करते हुए जब उन्हें ले जाया जा रहा था तो प्रदर्शनकारियों ने बाधा डालने की कोशिश की, जिससे थोड़ी अफ़रा-तफ़री मच गई। हालांकि पुलिस ने संयम बरतते हुए पूरी प्रक्रिया को सुरक्षित रूप से पूरा किया।'
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों से अपना आंदोलन खत्म करने की अपील करते हुए कहा, 'हम जंतर-मंतर पर मौजूद प्रदर्शनकारियों से अनुरोध करते हैं कि वे जल्द से जल्द शांतिपूर्ण ढंग से वहां से हट जाएं।'
क्या बोलीं वांगचुक की पत्नी?
सोनम वांगचुक की पत्नी गीतांजलि आंग्मो ने कहा कि उनकी सहमति के बिना पति का कोई भी मेडिकल इलाज नहीं किया जाना चाहिए।
आंग्मो ने बताया, 'वे सफदरजंग अस्पताल में हैं। मैंने उन्हें मेरी मंज़ूरी के बिना कुछ भी देने से मना किया है। मेरी मंज़ूरी के बिना कोई इलाज शुरू नहीं होना चाहिए। अगर कुछ भी होता है तो इसके लिए सभी ज़िम्मेदार होंगे।'
उन्होंने कहा, 'कल वे ठीक थे। उन्हें अस्पताल लाने की कोई ज़रूरत नहीं थी। आर्टिकल 32 के तहत यह मेरा अधिकार है। मेरी और मेरे डॉक्टर की मंज़ूरी के बिना, उन्हें कुछ भी नहीं दिया जा सकता।'
शुक्रवार रात वांगचुक ने कहा था कि अपनी बिगड़ती हालत के बावजूद वे उपवास जारी रखने के लिए दृढ़ हैं। उन्होंने कहा कि भूख हड़ताल के दौरान उनका 'शरीर 20 प्रतिशत कम हो गया है।'
उन्होंने एक वीडियो संदेश में कहा था, 'प्याज की कीमतों की वजह से सरकारें गिर चुकी हैं। मैंने अपने शरीर का 20 प्रतिशत हिस्सा खो दिया है। अब समय आ गया है कि यह सरकार युवाओं की आवाज़ सुने।'
बता दें कि नीट में कथित गड़बड़ियों और इस विवाद से जुड़े छात्रों की कथित मौतों को लेकर सीजेपी के नेतृत्व में हो रहे विरोध-प्रदर्शन के समर्थन में वांगचुक 28 जून से अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर हैं।


