न्यायालय ने तिरुप्परंकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति देने वाले फैसले को बरकरार रखा

याचिकाकर्ता रामा रविकुमार ने इस फैसले का स्वागत किया

न्यायालय ने तिरुप्परंकुंद्रम पहाड़ी पर दीप जलाने की अनुमति देने वाले फैसले को बरकरार रखा

इसे भगवान मुरुगा के भक्तों की जीत बताया

मदुरै/दक्षिण भारत। मद्रास उच्च न्यायालय की मदुरै खंडपीठ ने मंगलवार को एकल न्यायाधीश के उस आदेश को बरकरार रखा, जिसमें तिरुप्परंकुंद्रम पहाड़ी पर ‘दीपथून’ के रूप में दावा किए गए स्थान पर दीप प्रज्वलन की अनुमति दी गई थी।  

Dakshin Bharat at Google News
न्यायमूर्ति जी. जयचंद्रन और केके रामकृष्णन की खंडपीठ ने यह फैसला सुनाया और स्पष्ट किया कि जिस स्थान पर पत्थर का स्तंभ (दीपथून) स्थित है, वह भगवान सुब्रमणिया स्वामी मंदिर की संपत्ति है।

याचिकाकर्ता रामा रविकुमार ने इस फैसले का स्वागत किया और इसे भगवान मुरुगा के भक्तों की जीत बताया।

याचिकाकर्ताओं ने कहा कि दीप जलाना मंदिर और कार्तिगई दीपम उत्सव से जुड़ी एक पुरानी धार्मिक परंपरा है। उन्होंने इसके ऐतिहासिक कारण भी गिनाए। वहीं, इस याचिका का विरोध करते हुए राज्य सरकार और मंदिर प्रशासन ने कहा कि पहाड़ी की चोटी पर दीपक स्तंभ के अस्तित्व को साबित करने के लिए ठोस प्रमाण नहीं है।

उन्होंने इस बात पर भी चिंता जताई कि दीप जलाने की अनुमति देने से कानून-व्यवस्था की समस्याएं पैदा हो सकती हैं। उन्होंने पहाड़ी से जुड़ी संवेदनशीलता का भी जिक्र किया, जहां एक दरगाह भी स्थित है।

About The Author

Dakshin Bharat Android App Download
Dakshin Bharat iOS App Download