अंधविश्वास का खतरनाक खेल
उच्च शिक्षित लोग भी पाखंडियों के जाल में फंस रहे हैं
अपने समय, श्रम, धन और जीवन को बर्बाद न करें
दिल्ली पुलिस ने धनवर्षा का झांसा देकर जहरीले लड्डू खिलाने वाले एक कथित तांत्रिक का पर्दाफाश कर सराहनीय कार्य किया है। इस शख्स पर तीन लोगों की हत्या का आरोप है। इसके अपराधों की सूची यहीं तक सीमित नहीं है। इसके खिलाफ राजस्थान और उत्तर प्रदेश में भी गंभीर मामले दर्ज हैं। ऐसे पाखंडियों का धंधा इसलिए फल-फूल रहा है, क्योंकि उन्हें शिकार आसानी से मिल जाते हैं। लोग 21वीं सदी में इस बात पर विश्वास कर रहे हैं कि कोई कथित तांत्रिक अपनी क्रियाओं से धन बरसा देगा! जिसमें थोड़ी भी बुद्धि होगी, वह जरूर सोचेगा- अगर कोई शख्स सच में इतना करामाती है तो वह अपने लिए धन क्यों नहीं बरसा लेता? उसकी ऐसी क्या मजबूरी है कि वह दूसरों के लिए धन बरसाता है? अगर किसी के पास ऐसी शक्ति आ जाए कि वह एक इशारा करे और आकाश से सोने-चांदी की ईंटें बरसने लगें तो वह दूसरों को बताने की गलती कभी नहीं करेगा, बल्कि अपना भंडार भरेगा। क्या लोगों में इतनी भी समझ नहीं है? जब लालच का पर्दा पड़ता है तो बुद्धि भ्रष्ट हो जाती है। ऐसे पाखंडियों के चक्कर में वे ही लोग ज्यादा पड़ते हैं, जो तुरंत मालामाल होना चाहते हैं। सोचिए, कोई कथित तांत्रिक अपनी क्रियाओं से धन-दौलत बरसाने लगे तो क्या वह एक शहर से दूसरे शहर मारा-मारा फिरेगा? उसे तो दुनियाभर की सरकारें मेहमान बनाकर रखेंगी और सोने-चांदी से अपने खजाने भरेंगी। वह उनके लिए सबसे महत्त्वपूर्ण व्यक्ति होगा। आश्चर्य तब होता है, जब उच्च शिक्षित लोग ऐसे पाखंडियों के जाल में फंस जाते हैं।
ऐसा पहली बार नहीं हुआ है। इतिहास ऐसे ठगों के किस्सों से भरा पड़ा है। ये सदियों से भोले-भाले लोगों को लूटकर अपना उल्लू सीधा करते आए हैं। इन्हें कभी निराश नहीं होना पड़ता। इनके लिए 'रोजगार' की कोई कमी नहीं है। ये बीस-पच्चीस लोगों पर जाल फेंकते हैं तो दो-चार जरूर फंस जाते हैं। उनसे इतनी कमाई हो जाती है कि खुद ठाठ से ज़िंदगी जीते हैं। इसके बाद फिर किसी नए शिकार की तलाश करते हैं। कुछ कथित तांत्रिक सोशल मीडिया पर दावा करते हैं कि उनकी शरण में आने से जमीन में गड़ा हुआ धन सपने में दिखाई देगा! अगर ऐसा सच में होता तो वे खुद ही सपने देखकर अरबपति क्यों नहीं बन जाते? उन्हें कुछ करने की जरूरत ही नहीं है। बस, दिन-रात सपने देखते रहें। इन दिनों एक और दावा खूब किया जा रहा है- 'लोगों को अपने वश में करें!' यह पहले भी बहुत किया जाता था। अक्सर लोग उनके पास जाकर अपने परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों को वश में करने का आग्रह करते हैं। कई माता-पिता अपनी संतानों को, बहू अपने सास-ससुर को, सास-ससुर अपने बेटे-बहू को, कर्मचारी अपने बॉस को, अविवाहित लोग अपने मनपसंद व्यक्ति को वश में करने के लिए उनके द्वार पर माथा टेकते हैं। इससे कोई वश में नहीं होता, बल्कि कथित तांत्रिक जरूर मालामाल होता है। वह तरह-तरह की चीजों और क्रियाओं के नाम पर जमकर रुपए वसूलता है। अगर यूं ही किसी को वश में करना संभव होता तो यूक्रेन के राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की अपने रूसी समकक्ष व्लादिमीर पुतिन को वश में कर युद्ध बंद करवा चुके होते। इमरान ख़ान (जिनके काला जादू करने के किस्से मशहूर हैं) के जेल जाने की नौबत न आती। वे पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर को वश में कर आज अपने देश के प्रधानमंत्री होते। डोनाल्ड ट्रंप, जो नोबेल शांति पुरस्कार पाने के लिए लगातार झूठे दावे कर रहे हैं, इसकी चयन समिति के सदस्यों के मन पर कब्जा कर अब तक 'शांति पुरुष' की उपाधि प्राप्त कर लेते। इसलिए ऐसे झूठे दावों पर बिल्कुल विश्वास न करें। विवेक से काम लें। अपने समय, श्रम, धन और जीवन को बर्बाद न करें।

