उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाई

मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी

उच्चतम न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगाई

Photo: @dir_ed X account

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। उच्चतम न्यायालय ने गुरुवार को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के इस आरोप को कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने उसकी जांच में 'बाधा' उत्पन्न की, 'बहुत गंभीर' बताया और इस बात की जांच करने पर सहमति जताई कि क्या किसी राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियां किसी गंभीर अपराध की जांच में किसी केंद्रीय एजेंसी के कार्य में हस्तक्षेप कर सकती हैं।

Dakshin Bharat at Google News
शीर्ष न्यायालय ने पश्चिम बंगाल में ईडी अधिकारियों के खिलाफ दर्ज एफआईआर पर रोक लगा दी, जिन्होंने 8 जनवरी को आई-पैक कार्यालय और उसके निदेशक प्रतीक जैन के आवास पर छापे मारे थे। न्यायालय ने राज्य पुलिस को छापों की सीसीटीवी फुटेज सुरक्षित रखने का निर्देश दिया।

न्यायमूर्ति प्रशांत कुमार मिश्रा और विपुल पंचोली की बेंच ने मुख्यमंत्री बनर्जी, पश्चिम बंगाल सरकार, डीजीपी राजीव कुमार और शीर्ष पुलिस अधिकारियों को ईडी की याचिकाओं पर नोटिस जारी किए हैं। इन याचिकाओं में आई-पीएसी के दफ्तरों में छापेमारी में कथित तौर पर रुकावट डालने के लिए उनके खिलाफ सीबीआई जांच की मांग की गई है।

'हमारे अनुसार, देश में कानून के शासन का पालन सुनिश्चित करने और प्रत्येक अंग को स्वतंत्र रूप से कार्य करने देने के लिए इस मुद्दे की जांच करना आवश्यक है, ताकि अपराधियों को किसी विशेष राज्य की कानून प्रवर्तन एजेंसियों की आड़ में संरक्षण न मिल सके।'

पीठ ने कहा, 'इस मामले में बड़े प्रश्न जुड़े हुए हैं और उन्हें उठाया गया है, जिन्हें यदि अनिर्णीत रहने दिया गया तो स्थिति और बिगड़ेगी, और यह देखते हुए कि अलग-अलग स्थानों पर अलग-अलग दल शासन कर रहे हैं, किसी न किसी राज्य में अराजकता की स्थिति उत्पन्न हो सकती है।'
 
न्यायालय ने कहा कि किसी भी केंद्रीय एजेंसी को किसी भी पार्टी के चुनावी काम में दखल देने का अधिकार नहीं है। लेकिन साथ ही, अगर केंद्रीय एजेंसियां ​​किसी गंभीर अपराध की जांच के लिए नेक नीयत से काम कर रही हैं, तो सवाल यह उठता है कि क्या एजेंसियों को पार्टी की गतिविधि की आड़ में अपनी ड्यूटी करने से रोका जा सकता है।

इस मामले की अगली सुनवाई 3 फरवरी को होगी।

About The Author

Dakshin Bharat Android App Download
Dakshin Bharat iOS App Download