हिलेगी खामेनेई की कुर्सी, रेजा पहलवी ने ईरानी जनता से कर दिया बड़ा आह्वान!
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तेहरान/दक्षिण भारत। ईरान में सर्वोच्च नेता खामेनेई के खिलाफ लोगों का प्रदर्शन जारी है। इसी सिलसिले में निर्वासित 'युवराज' रेजा पहलवी ने लोगों से इस आंदोलन को और तेज करने का आह्वान किया है। उन्होंने देशवासियों को संबोधित करते हुए एक्स अकाउंट पर लिखा, 'आपने अपने साहस और दृढ़ता से पूरी दुनिया की प्रशंसा प्राप्त की है। शुक्रवार की शाम ईरानभर की सड़कों पर आपकी फिर से हुई भव्य और शक्तिशाली उपस्थिति, इस्लामी गणराज्य के गद्दार और अपराधी नेता की धमकियों का करारा जवाब थी।'
उन्होंने लिखा, 'मुझे पूरा विश्वास है कि उसने अपने छिपने के ठिकाने से ये दृश्य देखे होंगे और डर से कांप उठा होगा। अब, आपकी पहली अपील पर मिले निर्णायक जवाब के बाद, मुझे यक़ीन है कि सड़क पर अपनी उपस्थिति को और अधिक उद्देश्यपूर्ण बनाकर और साथ-साथ वित्तीय शिराओं को काटकर, हम इस गणराज्य और उसके जर्जर व नाज़ुक दमन तंत्र को पूरी तरह घुटनों पर ला देंगे।'रेजा पहलवी ने लिखा, 'इसी क्रम में, मैं अर्थव्यवस्था के प्रमुख क्षेत्रों— विशेषकर परिवहन, तेल, गैस और ऊर्जा— के श्रमिकों और कर्मचारियों से आह्वान करता हूं कि वे देशव्यापी हड़ताल की प्रक्रिया शुरू करें।'
उन्होंने लिखा, 'साथ ही, मैं आप सभी से अनुरोध करता हूं कि आज और कल इस बार शाम 6 बजे से, राष्ट्रीय झंडों, चित्रों और प्रतीकों के साथ सड़कों पर आएं और सार्वजनिक स्थलों को अपना बनाएं। अब हमारा लक्ष्य केवल सड़कों पर आना नहीं है; लक्ष्य है शहरों के केंद्रों पर क़ब्ज़ा करने की तैयारी और उन्हें बनाए रखना।'
रेजा पहलवी ने लिखा, 'इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए, जितना संभव हो, अलग-अलग रास्तों से शहरों के अधिक केंद्रीय हिस्सों की ओर बढ़ें और अलग-अलग भीड़ को आपस में जोड़ें। साथ ही, अभी से सड़कों पर टिके रहने के लिए तैयार रहें और आवश्यक इंतज़ाम करें।'
उन्होंने लिखा, 'ईरान की जावेदान गार्ड के युवाओं और उन सभी सशस्त्र व सुरक्षा बलों से, जो राष्ट्रीय सहयोग मंच से जुड़े हैं, मैं कहता हूं: दमन की मशीन को और अधिक धीमा और बाधित करें, ताकि निर्णायक दिन पर हम उसे पूरी तरह बंद कर सकें।'
रेजा पहलवी ने लिखा, 'मैं स्वयं भी स्वदेश लौटने की तैयारी कर रहा हूं, ताकि हमारी राष्ट्रीय क्रांति की विजय के समय, महान ईरानी राष्ट्र के साथ खड़ा रह सकूं। मुझे विश्वास है कि वह दिन बहुत निकट है। ईरान अमर रहे!'


