24 करोड़ रुपए के हवाला और जीएसटी फ्रॉड रैकेट का हुआ भंडाफोड़
फर्जीवाड़े के ऐसे मामले पहले भी सामने आ चुके हैं
एक कारीगर को 1.5 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स नोटिस मिला था
बरेली/दक्षिण भारत। उत्तर प्रदेश के बरेली जिले में पुलिस ने एक संदिग्ध हवाला और जीएसटी फ्रॉड नेटवर्क का पर्दाफाश किया है, जिसमें करीब 24 करोड़ रुपए के अवैध फाइनेंशियल ट्रांजैक्शन शामिल हैं।
पुलिस ने इस मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया है, जिन पर आरोप है कि वे पैसे ट्रांसफर करने के लिए फर्जी फर्मों और कथित म्यूल अकाउंट का इस्तेमाल करते थे। अधिकारियों ने मंगलवार को यह जानकारी दी।बरेली की पुलिस अधीक्षक (दक्षिण) अंशिका वर्मा ने बताया कि यह रैकेट तब सामने आया जब एक छोटे जरी (कढ़ाई) कारीगर को ऐसे लेन-देन के लिए करीब 1.5 करोड़ रुपए का इनकम टैक्स नोटिस मिला, जिसके बारे में उसे कोई जानकारी नहीं थी।
पुलिस के मुताबिक, आरोपी छोटे व्यापारियों और दिहाड़ी मजदूरों को निशाना बनाते थे तथा उन्हें अपना बिज़नेस बढ़ाने या एक्सपोर्ट मार्केट में जाने में मदद करने का ऑफर देते थे।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों ने आधार और पैन कार्ड जैसे पहचान पत्र हासिल किए, अपने नाम से बैंक अकाउंट खोले और शेल कंपनियां बनाईं, जिनका इस्तेमाल बड़े पैमाने पर गैर-कानूनी ट्रांजैक्शन के लिए किया गया।
वर्मा ने बताया कि जांच में पता चला कि कारीगर के नाम पर एक फर्जी फर्म बनाई गई थी और प्राइवेट और पब्लिक सेक्टर के बैंकों में बैंक अकाउंट खोले गए थे। उन्होंने कहा, 'एक साल के अंदर इस फर्म के ज़रिए करीब 24 करोड़ रुपए के संदिग्ध ट्रांजैक्शन किए गए।'
पुलिस को यह भी पता चला कि कई फर्में सिर्फ कागजों पर मौजूद थीं और उनका इस्तेमाल जीएसटी से बचने के लिए फर्जी बिल और इनवॉइस बनाने के लिए किया जाता था।
अधिकारी ने कहा, 'पहली नज़र में यह जीएसटी फ्रॉड लग रहा है, लेकिन पैसों के लेन-देन से हवाला नेटवर्क के शामिल होने की आशंका लग रही है।' उन्होंने यह भी बताया कि पड़ोसी शाहजहांपुर ज़िले का एक आदमी भी जांच के दायरे में है।
शाहिद अहमद और अमित गुप्ता नाम के दो आरोपियों को बरेली के भूता इलाके से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि उनके पास से कई मोबाइल फोन और कैश बरामद किया गया है।


