लेने जा रहे हैं 'योगा मैट' तो इन बातों का रखें खास ध्यान

योगा मैट की मोटाई काफी मायने रखती है

लेने जा रहे हैं 'योगा मैट' तो इन बातों का रखें खास ध्यान

Photo: PixaBay

बेंगलूरु/दक्षिण भारत। योगाभ्यास करने के लिए चटाई या किसी नरम आसन का उपयोग करना चाहिए। कुछ वर्षों से 'योगा मैट' का चलन बढ़ गया है, जो आसानी से उपलब्ध हो जाती हैं। डेढ़ दशक पहले पीवीसी से निर्मित योगा मैट ज्यादा प्रयुक्त होती थीं। वे कुछ ही रंगों में मिलती थीं। अब बाजार में कई रंगों और विशेषताओं से युक्त 'योगा मैट' मिलती हैं। एक अच्छी योगा मैट में कौनसी खूबियां होनी चाहिएं, यहां जानिए ...

- योगा मैट की मोटाई काफी मायने रखती है। अगर यह बहुत पतली होगी तो कुछ खास आसनों के दौरान घुटना चोटिल हो सकता है। वहीं, ज्यादा मोटी योगा मैट पर खड़े रहते हुए संतुलन बनाना मुश्किल हो सकता है। मानक योगा मैट लगभग 1/8 इंच मोटी होती है। सबसे मोटी लगभग 1/4 इंच की होती है। इसके अलावा 1/16 इंच वाली वेफ़र-थिन योगा मैट भी होती है।

- जब योगा मैट खरीदें तो इस बात का ध्यान रखें कि उसे रखने के लिए कितनी जगह है, पोर्टेबिलिटी कितनी चाहिए और जब उसे फर्श पर बिछाएं तो योगाभ्यास करते हुए कितने सहज हैं? बहुत ज्यादा मोटी या बहुत पतली योगा मैट पर योगाभ्यास करने में दिक्कतें आ सकती हैं।

- ज्यादातर मानक योगा मैट पीवीसी से बनी होती हैं। नए और ज्यादा अर्थ-फ्रेंडली विकल्पों में प्राकृतिक और रिसाइकल्ड रबर, जूट और ऑर्गेनिक कॉटन या नेचरल कॉटन शामिल हैं। अगर आपको लेटेक्स से एलर्जी है तो प्राकृतिक रबर से बनी योगा मैट के बजाय दूसरा विकल्प चुनें। 

- अगर आप ​अधिक आजमाए हुए विकल्पों में से चुनना चाहते हैं तो पीवीसी से बनी योगा मैट लें, जिसे ठीक तरह से संभाल कर रखेंगे तो कई वर्षों तक चलेगी। लचीलेपन की बात करें तो विभिन्न सामग्रियों के मिश्रण से अंतर आ सकता है। सामान्य रूप से, पीवीसी में किसी भी योगा मैट सामग्री की तुलना में सबसे अधिक लचीलापन होता है। वहीं, जूट और कपास में सबसे कम होता है।

- योगा मैट की सतह की ओर ध्यान देना जरूरी है। अगर पहली बार योगाभ्यास कर रहे हैं तो ज्यादा खुरदरी और 'ऊबड़-खाबड़' बनावट वाली योगा मैट लेने से बचें। चूंकि ऐसे कई आसन हैं, जो इस मैट पर करेंगे तो ठीक तरह से अभ्यास नहीं कर पाएंगे। ऐसे उभरे हुए पैटर्न वाली योग मैट उन लोगों के लिए ठीक रहती है, जिन्हें कई वर्षों का अभ्यास हो। जूट से बनी योगा मैट काफी खुरदरी होती है, जबकि पीवीसी निर्मित मैट नरम होती है।

- योगा मैट की कई खूबियों में से एक है- इसका रंग। हरी, नीली, आसमानी, हल्की गुलाबी, पीली और फूल-पत्तियों जैसी आभा वाली योगा मैट से मन को प्रसन्नता मिलती है। इन सभी बातों को ध्यान में रखते हुए ही योगा मैट लेनी चाहिए।

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