आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना हमारा लक्ष्य: मोदी

प्रधानमंत्री ने गुजरात के गांधीनगर में वाइब्रेंट गुजरात समिट 2024 का उद्घाटन किया

आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाना हमारा लक्ष्य: मोदी

प्रधानमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात समिट आर्थिक विकास और निवेश का एक वैश्विक मंच बन गया है

गांधीनगर/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को गुजरात के गांधीनगर में वाइब्रेंट गुजरात समिट 2024 का उद्घाटन किया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि हाल ही में भारत ने आजादी के 75 साल पूरे होने का जश्न मनाया। अब भारत अगले 25 साल की तैयारी कर रहा है। हमारा लक्ष्य आजादी के 100 साल पूरे होने तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाना है। अगले 25 साल भारत के लिए 'अमृत काल' होने वाले हैं। यह नए संकल्पों का समय है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि वाइब्रेंट गुजरात समिट आर्थिक विकास और निवेश का एक वैश्विक मंच बन गया है। भारत और यूएई ने फूड पार्क के विकास, नवीकरणीय ऊर्जा में सहयोग और नवीन स्वास्थ्य देखभाल में निवेश के लिए कई समझौतों पर हस्ताक्षर किए हैं। भारत के बंदरगाह बुनियादी ढांचे के लिए यूएई की कंपनियां अरबों डॉलर के निवेश पर सहमत हुई हैं। भारत और यूएई अपने रिश्ते को नई ऊंचाइयों पर ले गए हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दुनिया की पांचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था है, जबकि 10 साल पहले भारत 11वें स्थान पर था। आज दुनिया की हर प्रमुख रेटिंग एजेंसी का अनुमान है कि भारत अगले कुछ वर्षों में दुनिया की टॉप 3 अर्थव्यवस्था में जाएगा। एक ऐसे समय में जब विश्व अनेक अनिश्चितताओं से घिरा हुआ है, तब भारत दुनिया में विश्वास की एक नई किरण बनकर उभरा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज तेजी से बदलते हुए वर्ल्ड आर्डर में भारत विश्वमित्र की भूमिका में आगे बढ़ रहा है। आज भारत ने विश्व को यह भरोसा दिया है कि हम साझा लक्ष्य तय कर सकते हैं, अपने लक्ष्य प्राप्त कर सकते हैं। विश्व कल्याण के लिए भारत की प्रतिबद्धता, निष्ठा, प्रयास और भारत का परिश्रम आज की दुनिया को ज्यादा सुरक्षित और समृद्ध बना रहा है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अपनी स्थापना के बाद से पिछले 20 वर्षों में, वाइब्रेंट गुजरात के शिखर सम्मेलन ने नए विचारों को एक मंच दिया है और निवेश और रिटर्न के लिए नए रास्ते खोले हैं। साल 2024 की थीम 'भविष्य का प्रवेश द्वार' है। हमारे प्रयासों और प्रतिबद्धता से ही 21वीं सदी का भविष्य जीवंत होगा। अपनी जी20 अध्यक्षता के दौरान, भारत ने वैश्विक भविष्य के लिए एक रोडमैप दिया। आज हम उस दृष्टिकोण को आगे ले जाना चाहेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया भारत को स्थिरता के एक महत्वपूर्ण स्तंभ के रूप में देखती है। भारत एक मित्र है, जिस पर भरोसा किया जा सकता है, एक भागीदार जो जन-केंद्रित विकास में विश्वास करता है, एक आवाज जो वैश्विक भलाई में विश्वास करता है और एक आवाज जो वैश्विक दक्षिण के लिए है।

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