प्रधानमंत्री ने ‘रोजगार मेले’ के तहत 71,000 कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन एक और वजह से बहुत विशेष है

प्रधानमंत्री ने ‘रोजगार मेले’ के तहत 71,000 कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन नौ वर्षों के दौरान, रोजगार की नई संभावनाओं को केंद्र में रखकर सरकार की नीतियां तैयार की गईं

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को ‘रोजगार मेले’ के तहत करीब 71 हजार नवनियुक्त कर्मियों को नियुक्ति पत्र सौंपे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि आप सभी ने कड़ी मेहनत से यह सफलता हासिल की है। मैं आपको और आपके परिवार को बहुत-बहुत बधाई और शुभकामनाएं देता हूं। कुछ ही दिन पहले गुजरात में भी ऐसा ही हजारों लोगों को रोजगार देने वाला रोजगार मेले का आयोजन हुआ था। इसी महीने असम में भी एक बड़े रोजगार मेले का आयोजन किया जा रहा है। भारत सरकार और भाजपा शासित राज्य सरकारों में इस तरह के रोजगार मेले, युवाओं के प्रति हमारे कमिटमेंट को दर्शाते हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 9 वर्षो में भारत सरकार ने सरकारी भर्ती प्रक्रिया को ज्यादा तेज करने, ज्यादा पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने को भी प्राथमिकता दी है। पहले, स्टाफ सेलेक्शन बोर्ड में आवेदन करना ही बहुत मुश्किल होता था। एक एप्लिकेशन फॉर्म लेने के लिए घंटों लाइन में लगे रहो, डॉक्युमेंट्स को अटेस्ट करवाने के लिए गजेटेड ऑफिसर्स को खोजो, फिर एप्लिकेशन को डाक द्वारा भेजा जाता था। और इसमें ये भी पता नहीं चलता था कि वो एप्लीकेशन समय पर पहुंची या नहीं पहुंची। जहां पहुंचना था, वहां पहुंची कि नहीं पहुंची। आज आवेदन करने से लेकर नतीजे आने तक की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन हो गई है। आज डॉक्यूमेंट को सेल्फ अटेस्ट करना भी पर्याप्त होता है। ग्रुप-सी और ग्रुप-डी के पदों पर भर्ती के लिए इंटरव्यू भी खत्म हो गए हैं। इन सारे प्रयासों का सबसे बड़ा फायदा ये हुआ है कि भ्रष्टाचार या भाई-भतीजावाद की आशंकाएं खत्म हो गई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि आज का दिन एक और वजह से बहुत विशेष है। नौ साल पहले आज के ही दिन 16 मई को लोकसभा चुनाव के नतीजे आए थे। तब पूरा देश उत्साह, उमंग और विश्वास से झूम उठा था। सबका साथ-सबका विकास के मंत्र के साथ कदम बढ़ाने वाला भारत, आज विकसित भारत बनने के लिए प्रयास कर रहा है। जैसे नौ साल पहले 16 मई को लोकसभा के चुनाव के नतीजे आए थे, वैसे ही आज एक और भी महत्‍वपूर्ण दिन है। आज हमारे एक महत्त्‍वपूर्ण प्रांत हिमालय की गोद में बसा हुआ सिक्किम प्रांत का भी स्‍थापना दिवस है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन नौ वर्षों के दौरान, रोजगार की नई संभावनाओं को केंद्र में रखकर सरकार की नीतियां तैयार की गईं। आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण हो, ग्रामीण क्षेत्रों का विकास हो, या फिर जीवन से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार हो, भारत सरकार की हर योजना, हर नीति, युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर बना रही है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते नौ वर्षों में भारत सरकार ने कैपिटल एक्सपेंडिचर पर करीब-करीब 34 लाख करोड़ रुपए खर्च किए हैं, मूलभूत सुविधाओं के लिए। इस साल के बजट में भी कैपिटल एक्सपेंडिचर के लिए 10 लाख करोड़ रुपए तय किए गए हैं। इस राशि से देश में नए हाईवे बने हैं, नए एयरपोर्ट, नए रेल रूट, नए पुल अनगिनत ऐसे आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर के निर्माण से भी देश में लाखों नए रोजगार बने हैं। जिस स्पीड और स्केल पर आज भारत काम कर रहा है, यह भी आजादी के 75 साल के इतिहास में अभूतपूर्व है। 

सत्तर साल में भारत में सिर्फ 20 हजार किलोमीटर के आसपास रेल लाइनों का विद्युतीकरण हुआ था। जबकि हमारी सरकार में बीते 9 साल में भारत में करीब-करीब 40 हजार किलोमीटर रेल लाइनों का विद्युतीकरण हुआ है। साल 2014 से पहले हमारे देश में हर महीने सिर्फ 600 मीटर नई मेट्रो लाइन बिछाई जा रही थी। आज भारत में हर महीने 6 किलोमीटर उस समय हिसाब मीटर का था, आज हिसाब किलोमीटर का है। 6 किलोमीटर नई मेट्रो लाइन का काम पूरा हो रहा है। 2014 से पहले देश में 4 लाख किलोमीटर से भी कम ग्रामीण सड़कें थीं। आज देश में सवा सात लाख किलोमीटर से भी ज्यादा ग्रामीण सड़कें हैं। 

यह भी करीब-करीब डबल। साल 2014 से पहले देश में सिर्फ 74 एयरपोर्ट थे। आज देश में एयरपोर्ट्स की संख्या भी बढ़कर 150 के आस-पास पहुंच रही है। यह भी डबल। बीते 9 वर्षों में देश में गरीबों के लिए जो 4 करोड़ पक्के घर बनाए गए हैं, उन्होंने भी रोजगार के अनेक नए अवसर बनाए हैं। गांव-गांव में खुले 5 लाख कॉमन सर्विस सेंटर, आज रोजगार का बड़ा माध्यम बने हैं, युवाओं को ग्रामीण स्तर के उद्यमी बना रहे हैं। गांवों में 30 हजार से ज्यादा पंचायत भवन बनें हों या फिर 9 करोड़ घरों को पानी के कनेक्शन से जोड़ना, ये सभी अभियान बड़े पैमाने पर रोजगार पैदा कर रहे हैं। देश में आ रहा विदेशी निवेश हो या फिर भारत से रिकॉर्ड एक्सपोर्ट, ये देश के कोने-कोने में रोजगार के अवसर बना रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 9 वर्षों में जॉब के नेचर में भी बहुत तेजी से बदलाव आया है। बदलती हुई इन परिस्थितियों में युवाओं के लिए नए सेक्टर्स उभर कर आए हैं। केंद्र सरकार इन नए सेक्टर्स को भी निरंतर सपोर्ट कर रही है। इन 9 वर्षों में देश ने स्टार्ट अप कल्चर की नई क्रांति देखी है। साल 2014 में देश में जहां कुछ सौ स्टार्टअप्स थे, वहीं इनकी संख्या आज एक लाख स्‍टार्टअप्‍स तक पहुंच रही है। और अनुमान ये है कि इन स्टार्टअप्स ने कम से कम 10 लाख युवाओं को रोजगार दिया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि इन 9 वर्षों में देश ने कैब एग्रीगेटर्स यानि ऐप के जरिए टैक्सी को भारतीय शहरों की नई लाइफलाइन बनते देखा है। इन 9 वर्षों में ऑनलाइन डिलीवरी का एक ऐसा नया सिस्टम तैयार हुआ है, जिसने लाखों युवाओं को रोजगार दिए हैं। इन 9 वर्षों में ड्रोन सेक्टर में नया उछाल आया है। फर्टिलाइजर के छिड़काव से लेकर दवाइयों की सप्लाई तक में ड्रोन का इस्तेमाल बढ़ रहा है। इन 9 वर्षों में सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सिस्टम भी 60 शहरों से आगे बढ़कर 600 से भी ज्यादा शहरों में पहुंच गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते 9 वर्षों में भारत सरकार ने मुद्रा योजना के तहत 23 लाख करोड़ रुपए देश के युवाओं को दिए हैं। इस राशि से किसी ने अपना नया व्यापार-कारोबार शुरू किया है, किसी ने टैक्सी खरीदी है, किसी ने अपनी दुकान का विस्तार किया है। और इनकी संख्या लाखों में नहीं, मैं गर्व से कहता हूं यह संख्‍या आज करोड़ों में है। करीब-करीब 8 से 9 करोड़ लोग ऐसे हैं, जिन्होंने मुद्रा योजना की मदद से पहली बार अपना स्‍वतंत्र काम शुरू किया है। 

आज जो आत्मनिर्भर भारत अभियान चल रहा है, उसका भी आधार देश में मैन्यूफैक्चरिंग के माध्यम से रोजगार का निर्माण करना है। पीएलआई स्कीम के तहत केंद्र सरकार मैन्यूफैक्चरिंग के लिए करीब 2 लाख करोड़ रुपए की मदद दे रही है। ये राशि भारत को दुनिया का मैन्यूफैक्चरिंग हब बनाने के साथ ही लाखों युवाओं को रोजगार में भी सहायता करेगी।

प्रधानमंत्री ने कहा कि भारत के युवाओं के पास अलग-अलग सेक्टर्स में काम करने की स्किल रहनी बहुत जरूरी है। इसके लिए देश में उच्च शिक्षा संस्थानों, कौशल विकास संस्थानों का भी युद्धस्तर पर निर्माण हो रहा है। साल 2014 से 2022 के बीच हर साल एक नया आईआईटी और एक नया आईआईएम तैयार हुआ है। पिछले 9 वर्षों में औसतन हर हफ्ते एक यूनिवर्सिटी और हर दिन, और हर दिन दो कॉलेज खोले गए हैं। 

हमारी सरकार आने से पहले देश में 720 के आसपास यूनिवर्सिटीज थीं, अब इनकी संख्या बढ़कर 11 सौ से ज्यादा हो गई है। 7 दशकों में देश में सिर्फ 7 एम्स तैयार किए गए थे। पिछले 9 वर्षों में हम 15 नए एम्स बनाने की तरफ बढ़े हैं। इनमें से कई अस्पतालों ने अपनी सेवाएं देनी भी शुरू कर दी हैं। साल 2014 तक पूरे देश में 400 से भी कम मेडिकल कॉलेज थे। आज इनकी संख्या लगभग 700 हो चुकी है। कॉलेज बढ़े तो स्वाभाविक तौर पर सीटों की संख्या भी बढ़ी है, युवाओं के लिए उच्च शिक्षा की पढ़ाई के अवसर बढ़े हैं। साल 2014 से पहले हमारे देश में एमबीबीएस और एमडी की सीटें सिर्फ 80 हजार के आसपास ही होती थीं। अब देश में एमबीबीएस और एमडी की सीटें बढ़कर 1 लाख 70 हजार से भी ज्यादा हो गई हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि किसी काम के लिए कौशल का विकास करने में हमारी आईटीआई भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। बीते 9 वर्षों में देश में लगभग हर रोज, एक नई आईटीआई का निर्माण किया गया है। आज देश की करीब 15 हजार आईटीआई में देश की नई जरूरतों के मुताबिक नए कोर्सेस शुरू किए जा रहे हैं। पीएम कौशल विकास योजना के तहत अब तक सवा करोड़ से ज्यादा युवाओं को स्किल ट्रेनिंग भी दी गई है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार के इन प्रयासों से कितने ही नए सेक्टर्स में रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं। मैं आपको सिर्फ एक उदाहरण देना चाहता हूं, ईपीएफओ का। अगर हम वर्ष 2018-19 के बाद के ईपीएफओ के नेट पेरोल के आंकड़ों को ही देखें तो साढ़े चार करोड़ से ज्यादा लोगों को फॉर्मल जॉब्स मिली हैं। ईपीएफओ का जो पेरोल डेटा है, उससे साफ पता चलता है कि भारत में फॉर्मल जॉब्स में निरंतर वृद्धि हो रही है। फॉर्मल जॉब्स में इस वृद्धि के साथ ही देश में स्वरोजगार के मौके भी लगातार बढ़ रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि बीते कुछ सप्ताह में जिस तरह की खबरें आईं हैं, वो भारत में उद्योग और निवेश को लेकर अभूतपूर्व सकारात्मकता को दिखाती हैं। कुछ दिन पहले ही मेरी मुलाकात वालमार्ट के सीईओ से हुई। उन्होंने विश्वास जताया कि उनकी कंपनी अगले तीन-चार वर्षों में ही भारत से 80 हजार करोड़ रुपए के सामान का एक्सपोर्ट करने लगेगी। हमारे जो युवा लॉजिस्टिक्स और आपूर्ति शृंखला क्षेत्र में काम करना चाहते हैं, ये उनके लिए बहुत बड़ी खबर है। सिस्टको के सीईओ ने भी अपनी भारत यात्रा के दौरान मुझे बताया कि वो भारत में बने 8 हजार करोड़ रुपए के उत्पादों के एक्सपोर्ट का लक्ष्य लेकर चल रहे हैं। 

कुछ दिन पहले ही ऐपल के सीईओ भी भारत आए थे। भारत के उज्ज्वल भविष्य और खासकर मोबाइल मैन्यूफैक्चरिंग को लेकर वो भी बहुत विश्वास से भरे हुए थे। दुनिया की मशहूर अर्धचालक कंपनी एनएक्सपी के आला अधिकारी भी हाल ही में मुझसे मिले हैं। वो भारत के अर्धचालक पारिस्थितिकी तंत्र के निर्माण और उसके सामर्थ्य को लेकर बहुत सकारात्मक हैं। फोक्सकॉन ने भी भारत में अनेक प्रोजेक्ट्स में हजारों करोड़ रुपए का निवेश शुरू कर दिया है। अगले एक सप्ताह में मैं दुनिया की बड़ी कंपनियों के बहुत सारे सीआईओ से फिर से एक बार मेरा मिलना होने वाला है। वे सभी भारत में निवेश के लिए जोश से भरे हुए हैं। ये सारी बातें, ये सारे प्रयास, दर्शाते हैं कि भारत में अलग-अलग सेक्टर्स में कितनी तेजी से रोजगार के नए अवसर बन रहे हैं।

प्रधानमंत्री ने कहा कि देश में चल रहे विकास के इस महायज्ञ में, इतने बड़े परिवर्तनों में अब आपकी सीधी भूमिका होगी। अगले 25 वर्षों में आपको अपने दायित्वों को पूरा करने के साथ-साथ विकसित भारत के संकल्पों को भी साकार करना है। मेरा आप सबसे आग्रह है कि इस अवसर का भरपूर उपयोग करें। आज से आपके जीवन में सीखने का भी एक नया दौर शुरू हो रहा है। सरकार का बहुत जोर अपने कर्मचारियों के नए स्किल डेवलपमेंट पर भी है। 

इसी को ध्यान में रखते हुए ऑनलाइन सीखने का मंच, आईगॉट कर्मयोगी शुरू किया गया है। इस प्लेटफॉर्म पर कई तरह के कोर्सेज उपलब्ध हैं। आप उनका पूरा उपयोग करें। आपकी क्षमता जितनी बढ़ेगी, उतना आपके कार्य पर सकारात्‍मक प्रभाव पड़ेगा। और क्षमतावान लोगों के कारण कार्य पर जो सकारात्‍मक प्रभाव होता है, उसका प्रभाव देश की सभी गतिविधियों में सकारात्‍मकता को गति देता है। आज इस महत्‍वपूर्ण अवसर पर, आपके जीवन के एक बहुत महत्‍वपूर्ण पड़ाव पर मैं एक बार फिर आपको तो बधाई देता ही देता हूं, आपकी नई यात्रा के लिए शुभकामनाएं देता हूं। 

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