आप की नौटंकी

आप की नौटंकी

इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन पर उठ रहे विवाद थमने का नाम ही नहीं ले रहे हैं। मंगलवार को दिल्ली विधानसभा में इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन की विश्वसनीयता पर हुई नौटंकी को देख यह लग रहा है कि आम आदमी पार्टी इस निकट भविष्य में भी इसी मुद्दे पर अपनी राजनीती करती ऩजर आ रही है। जिस तरह से विधानसभा की बैठक में तथ्यों से खिलवा़ड किया गया वह शर्मनाक है। जहाँ एक तरफ विपक्ष के नेता विजेंद्र गुप्ता ने मांग की थी कि आप पर लग रहे आरोपों की सफाई दी जाए वहीं दूसरी और आप के नेता इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन (ईवीएम) से छे़डखानी करना कितना सरल है वह बताने की कोशिश कर रहे थे। परंतु जब आप के विधायक सौरभ भारद्वाज ने ईवीएम को ’’हैक’’ करने का जो डेमो दिखाया उससे समझ आता है कि आम आदमी पार्टी केवल जनता को भ्रमित करने की कोशिश में जुटी रहती है। सौरभ ने ईवीएम की विश्वसनीयता को धूमिल करने के अपने प्रयास में जब विधान सभा में अपनी सफाई पेश की तो उन्होंने ईवीएम के बदले ईवीएम जैसी एक मशीन का इस्तेमाल किया और यह दावा भी ठोक दिया कि जिस तरह दर्शाई गई मशीन में ग़डब़डी करना संभव है उसी तरह ईवीएम में भी ऐसा करना बहुत ही आसान है। आम आदमी पार्टी के नेता अपने दावे को जिस तरह के सबूत से सत्यपित करने की कोशिश कर रहे हैं उससे साफ जाहिर होता है कि यह देश की आम जनता की आँखों में धूल झांेकने की कोशिश से काम नहीं है। आम आदमी पार्टी के विधायक द्वारा विधानसभा में किए गए इस ’’डेमो’’ की निंदा तो होनी ही चाहिए साथ ही यह सवाल भी पूछा जाना चाहिए कि क्या इस तरह का बेहूदा म़जाक विधानसभा में होना चाहिए था? शायद पत्रकारों के सामने ऐसा किया जाता तो उनसे असुविधाजनक सवाल भी किए जाते जिनसे वह सदन में ऐसा कर बच गए। दूसरी बात यह भी है कि सदन की कार्यवाही में ऐसा कर आम आदमी पार्टी के विधायक ने निर्वाचन आयोग पर भी सवाल उठाये हैं। देश की आम जनता के लिए यह समझना कठिन होगा कि जिस मशीन को विधायक सौरभ ने विधानसभा में दिखाया था वह मशीन ’’ईवीएम’’ नहीं बल्कि ईवीएम् जैसी एक सामान्य मशीन थी जिसकी समानता केवल यही थी कि वह दिखने में ईवीएम जैसी ही थी। ईवीएम एक आधुनिक मशीन है जिसका इस्तेमाल केवल भारत नहीं बल्कि अन्य देश भी करते हैं और इसकी विश्वसनीयता पर बार-बार सवाल उठा रही आम आदमी पार्टी को यह समझना चाहिए कि जब दिल्ली विधानसभा के पिछले चुनाव में आम आदमी पार्टी को शानदार जनमत मिला था तब भी चुनाव प्रक्रिया में यही ईवीएम का इस्तेमाल किया गया था। आम आदमी पार्टी अनेक मुद्दों पर पहले भी कई बार बिना किसी ठोस सबूत के अपने प्रतिद्वंद्वियों पर आरोप लगाती रही है परंतु पिछले दिनों पंजाब और दिल्ली में मिली करारी हार के बाद वह लगातार ईवीएम की विश्वसनीयता को अपने राजनैतिक फायदे के लिए धूमिल करने की कोशिश करती रही है। भारत निर्वाचन आयोग को केवल अपनी ईवीएम की विश्वसनीयता पर साफ नहीं देना चाहिए बल्कि आम आदमी पार्टी के खिलाफ क़डी कार्यवाही की मांग भी करनी चाहिए।

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