राज्यसभा में सुब्रमण्यम स्वामी ने की गाय संरक्षण की मांग

राज्यसभा में सुब्रमण्यम स्वामी ने की गाय संरक्षण की मांग

नई दिल्ली। राज्यसभा में शुक्रवार को सदस्यों ने गाय को भारतीय संस्कृति का हिस्सा बताया और इसके संरक्षण के लिए उपाय किए जाने की मांग की। भारतीय जनता पार्टी के सुब्रमण्यम स्वामी ने भोजनावकाश के बाद अपने गैर सरकारी ’’गो संरक्षण विधेयक २०१७’’ पेश करते हुए संविधान के गो हत्या पर प्रतिबंध से संबंधित अनुच्छेद ३७ और ४८ का अनुपालन सुनिश्चित करने के लिए एक प्राधिकरण गठित करने तथा गो हत्या के लिए मौत की सजा निर्धारित करने की मांग की। उन्होंने कहा कि मुगल काल में भी गो मांस खाने की प्रथा नहीं थी लेकिन अंग्रेजों ने गो मांस खानें की अनुमति दे दी। स्वामी ने गाय के दूध से दवा बनाने और उसका निर्यात करने का सुझाव देते हुए कहा कि प्राचीन काल में ऋषि मुनियों ने गाय को आध्यात्मिक स्तर तक पहुंचाया था। उन्होंने गांव-गांव में गोशाला खोलने और इसे चलाने के लिए उपकर लगाए जाने की मांग की। उन्होंने कहा कि अमेरिका में देसी गाय का दूध चार गुना अधिक कीमत में बिकता है और वहां गो मूत्र का पेटेंट किया गया है। कांग्रेस के आनंद भस्कर रापोलू ने कहा कि गाय पूज्य रही है और वैदिक काल से वह आजीविका का माध्यम रही है। गाय को लेकर राजनीति नहीं की जानी चाहिए बल्कि उससे अधिक मात्रा में दूध लेने से उसके स्वास्थ्य को होने वाले नुकसान को रोकने के उपाय किए जाने चाहिए। उन्होंने गाय के दूध पर सरकार से ध्यान देने का अनुरोध करते हुए कहा कि गोरक्षा के साथ साथ किसानों की सुरक्षा की जानी चाहिए। समाजवादी पार्टी के जावेद अली खान ने कहा कि गाय का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व है लेकिन आजादी के बाद कुछ राजनीति दल और संगठन इसको लेकर राजनीति करते रहे हैं। उन्होंने गाय को राष्ट्रीय पशु घोषित करने, निजी स्तर पर गाय का पालन नहीं कर सरकारी स्तर पर इसका पालन शुरू करने तथा गाय का मांस खाने वाले देशों के साथ राजनयिक संबंध समाप्त करने की मांग की।देश में गौवंश संरक्षण एवं संवर्धन की दिशा में काम करने के सरकार के आश्वासन के बाद भारतीय जनता पार्टी के सुब्रमण्यम स्वामी ने राज्यसभा में अपना गैर सरकारी ’’गौ संरक्षण विधेयक २०१७’’ वापस ले लिया। स्वामी के इस निजी विधेयक पर सदन में सदस्यों द्वारा गौ संरक्षण पर विचार रखे जाने के बाद किसान कल्याण एवं कृषि मंत्री राधा मोहन सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए कहा कि मोदी सरकार के कार्यकाल में पुशधन संरक्षण की दिशा में अच्छा कार्य किया गया है क्योंकि पशुधन ग्रामीण अर्थव्यवस्था की री़ढ है। इसके बाद स्वामी ने चर्चा का जबाव देते हुए कहा कि पूरी दुनिया में दो तरह की गाय पाई जाती हैं और वह सिर्फ बोस इंडिक्स प्रजाति की गाय की बात कर रहे हैं। सिर्फ इसी प्रजाति की गाय के दूध, मूत्र और गोबर में औषधीय गुण है तथा इस प्रजाति के संरक्षण की बात की जा रही है। उन्होंने कहा कि सरकार ने जो आश्वासन दिया है उसके मद्देनजर वह अपना विधेयक वापस ले रहे हैं लेकिन यदि इस दिशा में ठोस पहल नहीं की गई तो वह फिर से इस दिशा में आगे ब़ढेंगे।

Tags:

About The Author

Dakshin Bharat Android App Download
Dakshin Bharat iOS App Download