पी चिदंबरम
पी चिदंबरम

नई दिल्ली/भाषा। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम को सोमवार को उस समय झटका लगा जब उच्चतम न्यायालय ने आईएनएक्स मीडिया घोटाले में भ्रष्टाचार के मामले में उनकी अग्रिम जमानत याचिका रद्द करने के उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर याचिका पर विचार करने से इंकार कर दिया। न्यायमूर्ति आर भानुमति और न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना की पीठ ने सुनवाई शुरू होते ही कहा कि चिदंबरम को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, इसलिए अग्रिम जमानत याचिका रद्द होने के खिलाफ उनकी अपील निरर्थक हो गई है।

बहरहाल, पीठ ने कहा कि कानून के प्रावधानों के अनुरूप चिदंबरम राहत प्राप्त करने के लिए स्वतंत्र हैं। पूर्व केन्द्रीय मंत्री की सीबीआई हिरासत की अवधि सोमवार को समाप्त हो रही है और उन्हें निचली अदालत में पेश किया जाएगा जहां सीबीआई उनके आगे पूछताछ के लिए उनकी हिरासत की अवधि बढ़ाने का अनुरोध कर सकती है। चिदंबरम की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल और अभिषेक मनु सिंघवी ने दलील दी कि पूर्व केन्द्रीय मंत्री को गिरफ्तार करके सीबीआई ने यह सुनिश्चित किया कि यह अपील निरर्थक हो जाए।

उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय द्वारा 20 अगस्त को सीबीआई और प्रवर्तन निदेशालय के मामलों में चिदंबरम की अग्रिम जमानत की याचिका खारिज होते ही शीर्ष अदालत में अपील दायर की गई थी और यह मामला 21 अगस्त को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया गया था। उन्होंने कहा कि जब उनकी याचिका सुनवाई के लिए बुधवार को सूचीबद्ध कराने के प्रयास हो रहे थे तभी एक आदेश पारित हुआ कि इस याचिका पर 23 अगस्त को सुनवाई होगी। चिदंबरम को 21 अगस्त की शाम गिरफ्तार लिया गया था।