4 फरवरी का हंगामा: भाजपा की महिला सांसदों ने विपक्षी सांसदों के खिलाफ कार्रवाई की अपील की
कहा- उस स्थिति के गंभीर और बुरे नतीजे हो सकते थे
Photo: BJP4Karnataka FB Page
नई दिल्ली/दक्षिण भारत। भाजपा की महिला सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से उन विपक्षी सांसदों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की अपील की है, जिन्होंने ट्रेजरी बेंच के अंदर तक घुसने, टेबल पर चढ़ने और प्रधानमंत्री की सीट को घेरने जैसे काम किए।
भाजपा की महिला सांसदों ने यह भी कहा कि 4 फरवरी को लोकसभा के परिसर में हुई 'घबराहट भरी घटनाओं' ने सभी को बहुत परेशान कर दिया है, क्योंकि इस स्थिति के गंभीर और बुरे नतीजे हो सकते थे और यह भारत के संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में 'सबसे बुरे पलों' में से एक हो सकता था।4 फरवरी को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विपक्ष के विरोध के कारण संसद में राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर बहस का जवाब नहीं दे सके।
अपने पत्र में भाजपा की महिला सांसदों ने कहा कि वे रिकॉर्ड पर यह दर्ज कराना चाहती हैं कि 4 फरवरी को राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर हुई चर्चा के दौरान लोकसभा की गरिमा, मर्यादा और पवित्रता को जिस उत्कृष्ट तरीके से अध्यक्ष ने बनाए रखा और उसकी रक्षा की, उसके लिए वे अपनी गहरी कृतज्ञता और सराहना व्यक्त करती हैं।
पत्र में कहा गया कि उस दिन पूरे सदन और पूरे देश ने लोकसभा के भीतर हुई सबसे दुर्भाग्यपूर्ण और खेदजनक घटनाओं में से एक को देखा।
'हमने देखा कि विपक्षी दलों के सदस्य न केवल सदन के वेल में आए, बल्कि वे मेज पर चढ़ गए, कागज़ फाड़े और उन्हें पीठासीन अधिकारी की ओर फेंके।'
पत्र में सांसदों ने कहा, 'इसके अलावा, अत्यंत खेदजनक रूप से, कुछ महिला सदस्य आक्रामक तेवरों के साथ हाथों में बैनर और तख्तियां लिए दूसरी ओर चली गईं। उन्होंने न केवल प्रधानमंत्री की सीट को घेर लिया, बल्कि ट्रेजरी पक्ष की बेंचों के भीतर तक पहुंच गईं, जहां वरिष्ठ मंत्री बैठे होते हैं।'
सांसदों ने कहा कि इस गंभीर उकसावे से अत्यंत आक्रोशित और क्रोधित होने के बावजूद, सत्तारूढ़ दल के सदस्यों ने वरिष्ठ नेताओं के निर्देश पर अत्यधिक संयम बरता और किसी भी प्रकार की प्रतिकारात्मक कार्रवाई नहीं की।
पत्र में कहा गया, 'यदि हमने संयम नहीं बरता होता, तो स्थिति बेहद खराब हो सकती थी। मामले को और गंभीर बनाते हुए, इसके बाद हमने देखा कि विपक्षी सांसद आक्रामक रूप से आपके कक्ष की ओर बढ़ गए। हम आपके कक्ष के भीतर से तेज़ आवाज़ें सुन सकते थे।'
भाजपा की महिला सांसदों ने कहा, 'अतः हम आपसे आग्रह करते हैं कि सदन की परिधि के भीतर ऐसे जघन्य कृत्य करने और हमारे लोकतांत्रिक संस्थानों की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाने वाले विपक्षी सांसदों के विरुद्ध नियमों के तहत सबसे कठोर संभव कार्रवाई की जाए।'


