नीतीश से तेजस्वी की दूरी से कयासों का बाजार गर्म

नीतीश से तेजस्वी की दूरी से कयासों का बाजार गर्म

पटना। बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ सरकारी कार्यक्रम से उप मुख्यमंत्री तेजस्वी यादव की दूरी तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) प्रमुख लालू प्रसाद यादव के खिलाफ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) की तल्ख टिप्पणी से बिहार में सत्तारू़ढ महागठबंधन के दोनों ब़डे घटक दलों के बीच रिश्तों में खटास ब़ढती ही जा रही है। विश्व कौशल दिवस के अवसर पर शनिवार को बिहार कौशल विकास मिशन की ओर से राजधानी के अशोक कन्वेंशन सेंटर के ज्ञान भवन में विशेष कार्यक्रम आयोजित था। इस कार्यक्रम का उद्घाटन मुख्यमंत्री ने किया। इस कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के तौर पर उप मुख्यमंत्री तेजस्वी प्रसाद यादव को भी शामिल होना था। मंच पर मुख्यमंत्री की कुर्सी के पास में ही उप मुख्यमंत्री की कुर्सी और नेम प्लेट भी लगाई गई थी लेकिन तेजस्वी नहीं पहुंचे। उनके नहीं आने के कारण अंतिम समय में नेम प्लेट को हटा दिया गया। हालांकि इस कार्यक्रम में राजद कोटे से श्रम संसाधन मंत्री विजय प्रकाश मौजूद थे।उप मुख्यमंत्री की सरकारी कार्यक्रम से दूरी पर बयानबाजी भी शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता सुशील कुमार मोदी ने इस पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कहा कि यह हास्यास्पद है कि राजद के मंत्री के विभागीय कार्यक्रम में मुख्यमंत्री के साथ भाग नहीं लेकर उप मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम का बहिष्कार ही नहीं बल्कि मुख्यमंत्री की अवलेहना और उनका अपमान किया है। उन्होंने कहा कि केन्द्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की छापेमारी के बाद से ही उप मुख्यमंत्री अपने कार्यालय नहीं गए हैं। शासन-प्रशासन का काम बुरी तरह से प्रभावित है। ऐसे में मुख्यमंत्री को अविलम्ब तेजस्वी यादव को बर्खास्त करने का फैसला लेना चाहिए। उधर राजद प्रवक्ता मनोज झा ने कहा कि सरकारी कार्यक्रम तेजस्वी का शामिल नहीं होना कोई असमान्य बात नहीं है। उन्होंने कहा कि पहले भी ऐसे कई सरकारी कार्यक्रम हुए है जिसमें मुख्यमंत्री और उप मुख्यमंत्री एक साथ शामिल नहीं हुए हैं।

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