खेलो इंडिया संवाद: युवाओं को खेलकूद के लिए प्रेरित करेंगे प्रधानमंत्री
मोदी का वर्चुअल संबोधन पांच विषयों पर केंद्रित होगा
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नई दिल्ली/दक्षिण भारत। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गुरुवार को 'खेलो इंडिया संवाद' में युवाओं से बातचीत करेंगे। इस बातचीत का मकसद देश की खेल यात्रा पर युवाओं को शामिल करना, उनकी उम्मीदों को जानना और युवाओं के नेतृत्व वाले मज़बूत 'विकसित भारत' के लिए सुझाव लेना है।
'खेलो इंडिया संवाद' में मोदी का वर्चुअल संबोधन खेल, ओलंपिक की उम्मीदों, युवा नेतृत्व, विकसित भारत और 'नशा मुक्त युवा' जैसे पांच विषयों पर केंद्रित होगा।इस बातचीत के उद्देश्यों में भारत के स्पोर्ट्स इकोसिस्टम, कोचिंग और सभी की भागीदारी को बेहतर बनाना शामिल है। साथ ही, वैज्ञानिक तरीके से टैलेंट की पहचान, पारदर्शी चयन और एथलीटों के लंबे समय तक विकास के ज़रिए 2036 के ओलंपिक के लिए टैलेंट को तैयार करना भी इसके लक्ष्यों का हिस्सा है।
प्रधानमंत्री कार्यालय से जारी एक बयान में कहा गया है कि इस कार्यक्रम का मकसद युवाओं को भारत की खेल यात्रा से जोड़ना, उनकी उम्मीदों को साझा करना और युवाओं के नेतृत्व वाले मज़बूत 'विकसित भारत' के लिए सुझाव देना है।
यह युवाओं को देश की खेल संबंधी महत्वाकांक्षाओं से जुड़ने का एक सीधा ज़रिया देगा, और साथ ही यह भी सुनिश्चित करेगा कि उनके विचार और नज़रिए भारत के युवा और खेल इकोसिस्टम पर चल रही बातचीत का हिस्सा बनें।
'मेरा युवा भारत' द्वारा राष्ट्रीय खेल दिवस 2026 के जश्न के हिस्से के तौर पर आयोजित यह कार्यक्रम पूरे देश में चलाया जाएगा, जिसमें सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के हर ज़िले के दो कॉलेजों के युवा हिस्सा लेंगे।
यह कार्यक्रम प्रधानमंत्री के उस विज़न के अनुरूप आयोजित किया जा रहा है, जिसमें युवाओं की आकांक्षाओं को राष्ट्रीय विकास एजेंडे के केंद्र में रखते हुए एक फिट, अनुशासित और खेल-प्रेमी राष्ट्र का निर्माण करने का लक्ष्य है। देशव्यापी 'खेलो इंडिया डायलॉग' खेल, युवा नेतृत्व, नागरिक ज़िम्मेदारी, स्वयंसेवा, फिटनेस और राष्ट्र-निर्माण को एक साझा मंच पर लाएगा।
राष्ट्रीय कार्यक्रम के बाद स्थानीय स्तर पर युवा प्रतिभागियों, मेरा युवा भारत के स्वयंसेवकों, स्थानीय खिलाड़ियों और जन-प्रतिनिधियों के साथ बातचीत होगी।


