'एक देश, एक चुनाव' का प्रस्ताव 'असंवैधानिक' है: चिदंबरम

'एक देश, एक चुनाव' का प्रस्ताव 'असंवैधानिक' है: चिदंबरम

Photo: IndianNationalCongress FB Page

नई दिल्ली/दक्षिण भारत। पूर्व केंद्रीय मंत्री पी चिदंबरम ने सोमवार को संसद की संयुक्त समिति के सामने लोकसभा और राज्य विधानसभाओं के चुनाव एक साथ कराने के कदम का कड़ा विरोध किया और इस पहल को भयावह और असंवैधानिक बताया।

Dakshin Bharat at Google News
पूर्व गृह एवं वित्त मंत्री ने यह भी कहा कि 'एक देश, एक चुनाव' के तहत देशभर में चुनाव कराने का प्रस्ताव एक बेतुकी कवायद है।

सूत्रों के मुताबिक, चिदंबरम ने संविधान (129वां संशोधन) बिल, 2024 और केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) बिल, 2024 पर संसद की संयुक्त समिति के सामने अपनी राय रखी। इन बिलों का मकसद लोकसभा और राज्य विधानसभा चुनावों को एक साथ कराना है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि एक साथ चुनाव कराने से जुड़े बिल 'असंवैधानिक' हैं। सूत्रों ने बताया कि उन्होंने तर्क दिया कि चूंकि किसी भी विधायिका को पांच साल के कार्यकाल के लिए चुना जाता है, इसलिए इसके कार्यकाल में कटौती करना सीधे तौर पर संविधान के मूल ढांचे का उल्लंघन है।

सूत्रों के मुताबिक, कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने यह भी कहा कि उनका ज़मीर उन्हें इन बिलों का समर्थन करने की इजाज़त नहीं देता और उन्होंने इस बात पर ज़ोर दिया कि सरकार के पास कानून पास कराने के लिए ज़रूरी संख्या (दो-तिहाई बहुमत) नहीं है।

पैनल की सदस्य तृणकां की सागरिका घोष ने भी बिल का विरोध किया और कहा कि इससे चुनाव आयोग को 'बेहिसाब' शक्तियां मिल जाएंगी।

तरलोचन सिंह, नवीन खन्ना, मीनाक्षी जैन और नीरू कुमार समेत लगभग 10 पद्म पुरस्कार विजेताओं का एक समूह भी भाजपा सदस्य पीपी चौधरी की अध्यक्षता वाले पैनल के सामने अलग से पेश हुआ।

Tags:

About The Author

Dakshin Bharat Android App Download
Dakshin Bharat iOS App Download