मुख्यमंत्री और पार्टी नेतृत्व विभागों के बंटवारे को लेकर नाराजगी का मुद्दा सुलझा लेंगे: परमेश्वर
परमेश्वर ने पत्रकारों से कहा- 'कोई समस्या नहीं है'
Photo: DrGParameshwara FB Page
बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री जी. परमेश्वर ने शनिवार को नई कांग्रेस सरकार में विभागों के बंटवारे को लेकर हुई नाराजगी को कम करने की कोशिश की। उन्होंने भरोसा जताया कि मुख्यमंत्री डीके शिवकुमार और पार्टी नेतृत्व वरिष्ठ नेताओं रामलिंगा रेड्डी और केएच मुनियप्पा द्वारा उठाए गए मुद्दों को सुलझा लेंगे।
परमेश्वर का यह बयान ऐसे समय में आया है जब कांग्रेस नेतृत्व असंतोष को शांत करने की कोशिश कर रहा है। रेड्डी ने विभागों के बंटवारे को लेकर कैबिनेट से इस्तीफे की घोषणा की थी और मुनियप्पा ने भी विभागों के बंटवारे पर सार्वजनिक रूप से असंतोष जताया था।परमेश्वर ने यहां पत्रकारों से कहा, 'मुख्यमंत्री और कांग्रेस की राज्य इकाई के अध्यक्ष इन सब चीज़ों को संभाल लेंगे। कोई समस्या नहीं है। वे इसे संभाल लेंगे।'
उपमुख्यमंत्री ने कहा कि शिवकुमार ने रेड्डी के साथ बातचीत शुरू कर दी है और संकेत दिया कि आगे भी बातचीत जारी रहेगी। उन्होंने कहा, 'मुख्यमंत्री उनसे पहले ही मिल चुके हैं और पार्टी के नवनियुक्त अध्यक्ष भी इसे संभालेंगे।'
जब उनसे पूछा गया कि क्या इन घटनाक्रमों से विपक्ष को हथियार मिल रहा है, खासकर चुनाव नजदीक होने के कारण, तो परमेश्वर ने कहा कि राजनीति में ऐसी स्थितियां असामान्य नहीं हैं।
उन्होंने कहा, 'राजनीति में ऐसी बातें स्वाभाविक रूप से होती रहती हैं। हमारा काम बस उन्हें सुलझाकर आगे बढ़ना है। मुख्यमंत्री पहले ही कह चुके हैं कि हमें अच्छा शासन देना है। हम उसी के अनुसार आगे बढ़ेंगे।'
जब पत्रकारों ने बताया कि रेड्डी को मनाने की शिवकुमार की कोशिशों का तुरंत कोई नतीजा नहीं निकला, तो परमेश्वर ने जवाब दिया, 'फिर भी, उन्होंने बहुत लंबी बैठक की।' मामले को सुलझाने की आगे की कोशिशों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, 'वे उनसे एक बार फिर मिलेंगे।'
केएच मुनियप्पा की नाराज़गी की खबरों पर परमेश्वर ने किसी भी गंभीर समस्या की बात को खारिज कर दिया। उन्होंने कहा, 'मुनियप्पा के साथ कोई समस्या नहीं है। कल जब हम सब साथ थे, तो राहुल गांधी ने मुनियप्पा से पूछा कि क्या कोई समस्या है। उन्होंने जवाब दिया कि कोई समस्या नहीं है।'


