ईरानी मिसाइलों ने अमेरिकी डिस्ट्रॉयर पर हमला किया: आईआरजीसी
ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत मिसाइलें लॉन्च की गईं
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तेहरान/दक्षिण भारत। इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (आईआरजीसी) नौसेना की मिसाइलों से एक अमेरिकी डिस्ट्रॉयर को निशाना बनाया गया।
आईआरजीसी ने बुधवार सुबह एक बयान में कहा कि ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4 के तहत हिंद महासागर में एक स्ट्रेटेजिक अमेरिकी एसेट पर मिसाइलें लॉन्च की गईं।बयान में कहा गया है कि ईरान के दक्षिणी तट से करीब 650 किलोमीटर दूर हिंद महासागर में एक अमेरिकी टैंकर जहाज से ईंधन भर रहे एक अमेरिकी डिस्ट्रॉयर पर आईआरजीसी नौसेना की कद्र-360 और तलैया मिसाइलों ने हमला कर दिया।
एक खुफिया रिपोर्ट के अनुसार, दोनों जहाजों के डेक पर बहुत ज़्यादा आग लग गई थी, जिससे समुद्र के आसमान में धुएं का गुबार उठ रहा था।
समाचार एजेंसी तस्नीम ने कहा कि ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4, ईरान के लोगों के खिलाफ इजराइली शासन और अमेरिका के लगातार हमले के जवाब में ईरानी सैन्य बलों का एक बड़ा जवाब है।
एक और ईरानी अस्पताल पर हमला हुआ
पश्चिमी ईरान के सरपोल-ए-ज़हाब में एक अस्पताल पर इज़राइली सरकार के मिसाइल हमले से बड़ा नुकसान हुआ है। रिपोर्टों के अनुसार, यह ईरानी स्वास्थ्य सुविधाओं पर हमलों के सिलसिले में सबसे नया हमला है।
मंगलवार सुबह हुए एक सिविलियन मेडिकल सेंटर पर हमला किया गया, जो साल 2017 में आए भयानक भूकंप से अभी भी उबर रहा था। इससे अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून का और उल्लंघन हुआ है।
हमले में खिड़कियां टूट गईं, ज़रूरी इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचा और मरीज़ एवं मेडिकल स्टाफ़ घबरा गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अस्पताल के कॉरिडोर धूल और मलबे से भर गए, जबकि मेडिकल स्टाफ़ खतरे के बावजूद मरीज़ों का इलाज करते रहे।
एक नर्स, जिसका चेहरा धूल से ढका हुआ था, अपनी पोस्ट पर बनी रही और ज़रूरतमंदों की देखभाल करती रही, जबकि डॉक्टरों ने अलार्म बजने के बावजूद ऑपरेशन रूम खाली करने से इन्कार कर दिया।


