राजस्थान में सकारात्मक अभियान के साथ भाजपा से मुकाबला करेगी कांग्रेस : पायलट

राजस्थान में सकारात्मक अभियान के साथ भाजपा से मुकाबला करेगी कांग्रेस : पायलट

नई दिल्ली। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस समिति के प्रमुख सचिन पायलट ने कहा कि हाल में सम्पन्न स्थानीय निकाय के लिए उपचुनाव के नतीजों से उत्साहित कांग्रेस ने बूथ स्तर पर अपना आधार मजबूत बनाने का निर्णय किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी शीघ्र ही अपना सक्रिय जन सम्पर्क कार्यक्रम शुरू करेगी।पायलट ने कहा, भाजपा के विपरीत कांग्रेस का प्रचार विद्वेषपूर्ण अभियान के स्तर तक नहीं जाएगा और नकारात्मक नहीं होगा। इसके बजाय हम सकारात्मक एवं सार्थक अभियान रखेंगे जिसमें वसुंधरा राजे नीत सरकार की विफलताओं को उजागर किया जाएगा। उन्होने कहा कि कांग्रेस केवल भाजपा की विफलताओं को लेकर लोगों के पास नहीं जाएगी बल्कि उन्हें एक बेहतर विकल्प देगी। उन्होंने कहा, हम लोगों को वैकल्पिक शासन का खाका देंगे जो समग्र और व्यापक होगा तथा जिसमें युवा एवं बुजुर्गों, दोनों का ध्यान रखा जाएगा। हम रोजगार ब़ढाने और राज्य को आगे ले जाने का नजरिया रखेंगे।पायलट ने कहा कि राज्य के कार्यकर्ता पहले से ही कमर कस चुके हैं तथा भाजपा से मुकाबले को तैयार हैं। उन्होंने कहा कि अब राहुल गांधी ने कांग्रेस अध्यक्ष पद की कमान संभाल ली है और पार्टी में नई ऊर्जा का संचार किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी ने पहले ही मेरा बूथ, मेरा गौरव अभियान शुरू कर दिया है तथा जल्द ही राज्य भर में जनसम्पर्क अभियान शुरू किया जाएगा। कांग्रेस नेता ने कहा कि राज्य में भाजपा चार साल से सत्ता में है और उसके पास दिखाने के लिए कुछ भी नहीं है। उन्होंने राज्य सरकार पर धन उगाहने के लिए परिसंपत्तियों की बिक्री का आरोप लगाया। उन्होंने आरोप लगाया कि सार्वजनिक निजी भागीदारी के नाम पर इमारतों, स्कूलों, स़डकों, अस्पतालों एवं अन्य आधारभूत ढांचे को चंद लोगों को बेचा जा रहा है।पायलट ने कहा कि यह खराब राजकोषीय प्रबंधन के उदाहरण के अलावा और कुछ नहीं है। इस तरह की नीति है जहां राज्य की मूल्यवान संपत्ति को चंद लोगों को औने पौने दामों पर बेचा जा रहा है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के सत्ता में वापस आने पर इस प्रकार के मनमाने ढंग से किए गए सभी निर्णयों की समीक्षा कर उन्हें पलटा जाएगा और राज्य की परिसंपत्ति को वापस लिया जाएगा।पायलट ने कहा कि कांग्रेस को २०१३ में ऐतिहासिक हार का सामना करना प़डा था जब पार्टी राज्य की २०० विधानसभा सीटों में से महज २१ सीट जीत पाई थी। उन्होंने कहा कि हाल में संपन्न १४ शहरी स्थानीय निकायों में से कांग्रेस को सात सीटें मिली हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस एवं भाजपा के बीच वोटों का अंतर जो २५ प्रतिशत था, वह पिछले साल हुए राज्य पंचायत चुनाव में घटकर महज डे़ढ प्रतिशत रह गया है।

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