रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफ़े का मामला सुलझ गया: डीके शिवकुमार
रेड्डी के कुछ करीबी सहयोगी भी इन चर्चाओं में शामिल थे
Photo: @DKShivakumar X account
बेंगलूरु/दक्षिण भारत। कर्नाटक के उपमुख्यमंत्री डीके शिवकुमार ने शनिवार सुबह कहा कि पोर्टफोलियो बंटवारे को लेकर मंत्री रामलिंगा रेड्डी के इस्तीफे से पैदा हुआ संकट, वरिष्ठ कांग्रेस नेता के साथ लंबी बातचीत के बाद सुलझा लिया गया है।
कांग्रेस नेतृत्व की ओर से इस वरिष्ठ नेता को अपना इस्तीफ़ा वापस लेने के लिए मनाने की कोशिशों के बीच, शिवकुमार ने शुक्रवार देर रात जयनगर के एक प्राइवेट होटल में रेड्डी से लगभग ढाई घंटे तक मुलाक़ात की। बैठक शनिवार तड़के तक चली।कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और रेड्डी के कुछ करीबी सहयोगी भी इन चर्चाओं में शामिल थे।
शिवकुमार ने रात करीब 1.30 बजे बैठक से बाहर निकलने के बाद पत्रकारों से कहा, 'यह परिवार का मामला है। हम सब साथ बैठकर बात करेंगे। सबकुछ सुलझा लिया गया है।'
शिवकुमार ने कहा, 'उन्होंने अपनी शिकायत ज़ाहिर की है; यह गलतफहमी का मामला था। कुछ हुआ है, और हम इसे सुलझा लेंगे। चिंता न करें, हम सब कुछ बेहतरीन ढंग से चलाएंगे। हमने सभी वरिष्ठ नेताओं को मौके दिए हैं, और हमसब कुछ ठीक कर देंगे।'
शिवकुमार ने कहा, 'रामलिंगा रेड्डी और मैं सन् 1980 से दोस्त हैं। अभी मैं मुख्यमंत्री के तौर पर काम कर रहा हूं। पहले मैं मंत्री था और वे मंत्री हैं। हम सब दोस्त हैं।'
बता दें कि रेड्डी ने शुक्रवार को अपने इस्तीफ़े की घोषणा की थी। उन्होंने आरोप लगाया कि नई सरकार में विभागों के बंटवारे के बाद, बेंगलूरु विकास पोर्टफ़ोलियो के बारे में उन्हें दिए गए आश्वासनों को पूरा नहीं किया गया।
जब पूछा गया कि क्या मुख्यमंत्री के अनुरोध पर अपना इस्तीफ़ा वापस ले लेंगे, तो रेड्डी ने इस पर विस्तार से कुछ नहीं कहा और शिवकुमार की बात को ही दोहराया। रेड्डी ने कहा, 'मैं वही बात कह रहा हूं जो उन्होंने (मुख्यमंत्री ने) आपसे कही थी। सबकुछ सुलझा लिया गया है। बस इतना ही।'


