छग कोयला लेवी घोटाला: निलंबित आईएएस अधिकारी की 4 करोड़ रु. की संपत्ति कुर्क की गई

साल 2009 बैच के अधिकारी हैं विश्नोई

छग कोयला लेवी घोटाला: निलंबित आईएएस अधिकारी की 4 करोड़ रु. की संपत्ति कुर्क की गई

यह मामला 540 करोड़ रुपए के एक रैकेट से जुड़ा है

रायपुर/दक्षिण भारत। आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने कोयला लेवी घोटाले में आरोपी, निलंबित आईएएस अधिकारी समीर विश्नोई की 4 करोड़ रुपए की संपत्ति कुर्क कर ली है। आरोप है कि उन्होंने अपनी आय के ज्ञात स्रोतों से कहीं अधिक संपत्ति जमा की है। अधिकारियों ने यह जानकारी दी है।

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एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, ईओडब्ल्यू ने जुलाई 2024 में विश्नोई के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज किया था।

एजेंसी ने बताया कि जांच के दौरान, उसने नौ अचल संपत्तियों की पहचान की, जिनकी कीमत लगभग 4 करोड़ रुपए है। आरोप है कि ये संपत्तियां बिश्नोई के परिवार के सदस्यों और उनसे जुड़ी फर्मों के नाम पर अवैध तरीकों से हासिल की गई थीं।

बयान में कहा गया, 'रायपुर में भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत गठित विशेष अदालत में इन संपत्तियों को कुर्क करने के लिए एक आवेदन दायर किया गया था। 17 अप्रैल को हुई सुनवाई के बाद, अदालत ने ऐसी सभी संपत्तियों को कुर्क करने का आदेश दिया।'
 
तदनुसार, भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो/आर्थिक अपराध शाखा ने संपत्तियों को कुर्क कर लिया। कुर्क की गईं संपत्तियों को बेचा या हस्तांतरित नहीं किया जा सकता।

एजेंसी ने बताया कि ईडी ने इससे पहले कोयला लेवी घोटाले के सिलसिले में बिश्नोई से जुड़ी पांच अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से कुर्क किया था।

साल 2009 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा के अधिकारी विश्नोई को सबसे पहले साल 2022 में ईडी ने कोयला लेवी घोटाले के सिलसिले में गिरफ्तार किया था। वे उन कई आरोपियों में शामिल थे, जिन्हें पिछले साल उच्चतम न्यायालय ने ज़मानत दी थी।

यह मामला जुलाई 2020 से जून 2022 के बीच कथित तौर पर 540 करोड़ रुपए के एक रैकेट से जुड़ा है, जिसमें वरिष्ठ नौकरशाहों, व्यापारियों, राजनेताओं और बिचौलियों के एक गिरोह द्वारा राज्य में परिवहन किए गए कोयले के हर टन पर 25 रुपए प्रति टन की अवैध वसूली की जा रही थी।

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