किसी ठोस नतीजे पर क्यों नहीं पहुंची शांति वार्ता? ईरानी अधिकारी ने किया खुलासा

युद्ध दोबारा शुरू होने का खतरा मंडराया

किसी ठोस नतीजे पर क्यों नहीं पहुंची शांति वार्ता? ईरानी अधिकारी ने किया खुलासा

Photo: @Khamenei_fa X account

इस्लामाबाद/दक्षिण भारत। पाकिस्तान में ईरान और अमेरिका के बीच बातचीत बिना किसी समझौते के समाप्त हो गई है, जिसका कारण अमेरिकी पक्ष द्वारा की गई अत्यधिक मांगें' हैं। रविवार को एक शीर्ष ईरानी अधिकारी ने यह बात कही।

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ईरानी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बाक़ाई ने कहा कि ईरान राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित रखने और देश की भलाई की रक्षा करने के लिए कूटनीति सहित सभी साधनों का उपयोग करने के लिए दृढ़ संकल्पित है।
 
अमेरिकी प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व कर रहे अमरिका के उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने कहा कि बातचीत के ज़रिए कोई शांति समझौता नहीं हो पाया। उन्होंने इसकी एक मुख्य वजह यह बताई कि तेहरान अपने परमाणु कार्यक्रम को छोड़ने को तैयार नहीं था। उन्होंने कहा कि अमेरिकी पक्ष ने ईरानी पक्ष के सामने अपना अंतिम और सबसे अच्छा प्रस्ताव रखा, लेकिन उन्होंने उसे स्वीकार नहीं किया।

बाक़ाई ने कहा कि दोनों पक्षों के बीच कुछ मुद्दों पर सहमति बनी, लेकिन दो-तीन महत्त्वपूर्ण मामलों पर उनके विचार अलग-अलग थे। उन्होंने कहा कि शनिवार सुबह शुरू हुई गहन बातचीत के दौरान, पाकिस्तान की मध्यस्थता से, दोनों पक्षों के बीच अनेक संदेशों और टेक्स्ट का आदान-प्रदान हुआ।

बाक़ाई ने कहा, 'पिछले 24 घंटों में, बातचीत के मुख्य विषयों के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा हुई, जिनमें होर्मुज़ जलडमरूमध्य, परमाणु मुद्दा, युद्ध हर्जाना, प्रतिबंधों को हटाना और ईरान तथा इस क्षेत्र में युद्ध की पूर्ण समाप्ति शामिल है।'

उन्होंने कहा, 'इस कूटनीतिक प्रक्रिया की सफलता विरोधी पक्ष की गंभीरता और सद्भावना पर, अत्यधिक मांगों और गैर-कानूनी अनुरोधों से परहेज़ करने पर, तथा ईरान के वैध अधिकारों और हितों को स्वीकार करने पर निर्भर करती है।'
   
उन्होंने कहा कि यह स्वाभाविक था कि ईरान ने शुरू से ही यह उम्मीद न की हो कि एक ही बैठक में कोई समझौता हो जाएगा। 'किसी ने भी ऐसी उम्मीद नहीं की थी।'

उन्होंने कहा, 'हम अमेरिका द्वारा वादे तोड़ने और उसकी दुर्भावनापूर्ण हरकतों के अनुभवों को न तो भूले हैं और न ही कभी भूलेंगे।' उन्होंने बातचीत की मेज़बानी करने और इस प्रक्रिया को आगे बढ़ाने के प्रयासों के लिए पाकिस्तान का धन्यवाद किया।

मीडिया को दिए एक संक्षिप्त बयान में, पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री एवं विदेश मंत्री इशाक डार ने कहा कि पाकिस्तान ने पिछले 24 घंटों के दौरान गहन और रचनात्मक चर्चाओं के कई दौरों में मध्यस्थता करने में मदद की।

प्रगति की उम्मीद जताते हुए, डार ने कहा कि स्थायी शांति और क्षेत्रीय स्थिरता हासिल करने के लिए दोनों पक्षों को सकारात्मक भावना बनाए रखनी चाहिए। डार ने कहा कि पाकिस्तान आने वाले दिनों में ईरान और अमेरिका के बीच जुड़ाव और बातचीत को बढ़ावा देने में अपनी भूमिका निभाता रहेगा।

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