उदयनिधि ने भाजपा पर तमिलनाडु के लिए फंड जारी न करने का आरोप लगाया
आरोप लगाया, 'उन्होंने हमारे सभी अधिकार छीन लिए हैं'
Photo: UdhayStalin FB Page
गोबिचेट्टीपालयम/दक्षिण भारत। तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री उदयनिधि स्टालिन ने शनिवार को केंद्र की भाजपा सरकार पर राज्य को फंड जारी न करने का आरोप लगाया। साथ ही, उस पर तमिलनाडु के अधिकारों को छीनने का आरोप लगाया।
पश्चिमी इरोड ज़िले के गोबिचेट्टीपालयम में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए, द्रमुक की युवा शाखा के प्रमुख ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने शिक्षा के लिए 3,000 करोड़ रुपए की राशि जारी नहीं की है।उदयनिधि स्टालिन ने आरोप लगाया, 'उन्होंने (केंद्र सरकार ने) हमारे सभी अधिकार छीन लिए हैं।'
परिसीमन को लेकर केंद्र के प्रस्ताव के संबंध में उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री एमके स्टालिन देश के ऐसे पहले व्यक्ति थे, जिन्होंने केंद्र सरकार के इस कदम के खिलाफ आवाज़ उठाई। उन्होंने दावा किया कि यह इंडि गठबंधन के लिए एक 'बड़ी जीत' थी, क्योंकि लोकसभा में विपक्ष द्वारा इसके खिलाफ मतदान किए जाने के बाद, बहुमत की कमी के चलते यह विधेयक पारित नहीं हो सका।
द्रमुक सरकार द्वारा लागू किए गए विभिन्न कल्याणकारी उपायों को गिनाते हुए, उन्होंने कहा कि यदि यह फिर से सत्ता में आती है, तो मौजूदा कलाईनार मगलीर उरिमाई थोगई (महिलाओं के लिए मासिक वित्तीय सहायता) को दोगुना करके 2,000 रुपए कर दिया जाएगा।
उपमुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि भाजपा और अन्नाद्रमुक ने अदालत का दरवाज़ा खटखटाकर इसे रोकने की कोशिश की है। उन्होंने कहा, 'फिलहाल 1.3 करोड़ से ज़्यादा महिलाओं को इस योजना का लाभ मिला है।'
उन्होंने कहा, 'इसी तरह, सरकारी स्कूलों के छात्रों के लिए नाश्ता योजना को आठवीं कक्षा तक बढ़ाया जाएगा। द्रमुक सरकार बनने के बाद, पूरे राज्य में 35 लाख से अधिक कॉलेज छात्रों को मुफ्त लैपटॉप मिलेंगे।'
उदयनिधि ने इल्लथरासी चुनावी वादे का भी ज़िक्र किया, जिसके तहत इनकम टैक्स न देने वाली महिलाओं को 8,000 रुपए के कूपन दिए जाएंगे, जिनसे वे अपनी पसंद के कोई भी घरेलू उपकरण खरीद या बदल सकेंगी।


