भाजपा का भविष्य

भाजपा का भविष्य

देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारतीय जनता पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारणी बैठक के दौरान अपने संबोधन में पार्टी से अधिक महत्व देश के विकास पर देने की बात कही है। मोदी के संबोधन से यह समझा जा सकता है कि उन्होंने भारतीय जनता पार्टी के भविष्य का प्रारुप तैयार करते हुए कहा है कि पार्टी को चुनावों से ऊपर उठकर सोचने की आवश्यकता है और देश निर्माण कार्य में काम करने की जरूरत है। राष्ट्रीय कार्यकारिणी बैठक में उन्होंने जनतंत्र को चुनावी दायरे से आगे ले जाने की बात कहते हुए जनता की भागीदारी ब़ढाने की बात कही है। इस बैठक के शुरुआती दौर में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने पार्टी के कार्यकर्ताओं से मांग की है कि अगले आम चुनावों की बेहतर तैयार कर पार्टी को ब़डी जीत दिलाने की कोशिश में जुट जाना चाहिए। साथ ही यह भी संकेत ऩजर आए कि आम चुनाव को समय से पहले कराने के लिए आवश्यक कदम उठाए जा सकते हैं। इस विशेष बैठक का मुख्य मुद्दा पार्टी की चुनावी रणनीति और तैयारियों की समीक्षा करना ही था। प्रधान मंत्री ने जनता की भागीदारी पर जोर देते हुए पार्टी के महत्वपूर्ण मंच पर यह अप्रत्यक्ष मांग की है कि कार्यकर्ताओं और नेताओं को जनता से बढाना होगा और साथ ही सरकार की योजनाओं का चौतरफा प्रचार करना होगा। प्रधानमंत्री ने नोटबंदी और वास्तु एवं सेवा कर जैसे महत्वपूर्ण और क़डे फैसले लिए हैं। दीर्घकालीन ऩजरिए से यह फैसला देश को मजबूती दिलाने का काम करेंगे परंतु आम जनता को इन फैसलों की वजह से बहुत परेशानी झेलनी प़ड रही हैं। प्रधान मंत्री को चिंता है कि उनके विकास कार्य में इन फैसलों के बारे में जागरूकता की कमी की वजह से नई परेशानियां न ख़डी हो जाएं।भाजपा के लिए सबसे ब़डी ब़ढत फिलहाल कांग्रेस की कम़जोर स्थिति से है। कांग्रेस की लाचारी का मं़जर ऐसा है कि किसी भी मुद्दे का ़फायदा उठाने में कांग्रेस को सफलता ही नहीं मिल रही है। साथ ही कांग्रेस में मजबूत नेताओं की भी कमी है और पार्टी के उपाध्यक्ष राहुल गाँधी पार्टी को संगठित करने के लिए बहुत जूझ रहे हैं। भाजपा को समझने की जरूरत है कि जिस तरह देश में विकास कार्यों को मिल रही गति की तारी़फ उसे मिल रही हैं उसी तरह चुनावी दौर में विपक्ष देश के समक्ष उठ रही परेशानियों का ठीकरा भी उसी के सिर फो़डने की पूरी कोशिश करेगा। अधिकांश तौर पर भाजपा को व्यापारी समुदाय का समर्थन मिलता रहा है परंतु जीएसटी को लेकर यह तबका भी परेशान ऩजर आ रहा है। सरकार को अब जनता पर अपना ध्यान केंद्रित करने की आवश्यकता है और इसीलिए प्रधानमंत्री जनता से जु़डने की बात कहते ऩजर आ रहे हैं।

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