तृणकां ने बंगाल की माटी बांग्लादेशी घुसपैठियों को दे दी: नितिन नवीन

भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने पूर्व मेदिनीपुर में जनसभा को संबोधित किया

तृणकां ने बंगाल की माटी बांग्लादेशी घुसपैठियों को दे दी: नितिन नवीन

Photo: @BJP4India X account

पूर्व मेदिनीपुर/दक्षिण भारत। भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर में जनसभा को संबोधित किया। उन्होंने कहा​ कि बदलाव की एक लहर चल रही है। तृणकां बाहर हो गई है, अब भाजपा सत्ता में आ रही है। ममता बनर्जी 'मां-माटी-मानुष' के नारे के साथ सत्ता में आई थीं, लेकिन आज वही लोग परेशान हैं। संदेशखाली से लेकर आरजीकर तक, पूरे पश्चिम बंगाल में महिलाएं तकलीफ़ झेल रही हैं।

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नितिन नवीन ने कहा कि मैं आपको याद दिलाना चाहता हूं कि आधी रात को मां काली की मूर्तियों को कैसे तोड़ा गया था। मूर्ति बनाने वालों की रोजी-रोटी को नुकसान पहुंचा था। हम उनके साथ खड़े हैं।

नितिन नवीन ने कहा कि यहां महिलाएं सुरक्षित नहीं हैं और इस धरती की मिट्टी का अपमान हुआ है। यह ज़मीन अवैध बांग्लादेशी घुसपैठियों के हवाले कर दी गई है। यहां के लोगों को पलायन करने पर मजबूर होना पड़ा है।

नितिन नवीन ने कहा कि बंगाल की बेटियां आज अगर असुरक्षित हैं तो इसकी जिम्मेदारी कहीं न कहीं यहां की मुख्यमंत्री के ऊपर है। महिला मुख्यमंत्री होने के बावजूद अगर इस राज्य की बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं है, तो इस राज्य की मुख्यमंत्री को कुर्सी से हटाने का समय आ गया है।

नितिन नवीन ने कहा कि साल 2023 की यहां की घटना भी मुझे याद है, जब मां शीतला मंदिर में राजनीतिक रूप से लोगों को परेशान किया गया और यहां के परिवारजनों को प्रसाद लेने से रोका गया। ऐसे सनातन विरोधियों को सजा देने का समय 23 और 29 अप्रैल के दिन है। जो सनातन को अपमानित करेगा, सनातन की परंपराओं को चोट पहुंचाएगा, ऐसे लोगों को सजा देने के लिए सनातनी लोग तैयार खड़े हैं।

नितिन नवीन ने तृणकां पर आरोप लगाते हुए कहा कि यहां की माटी को भी अपमानित करने का काम किया गया, यहां की माटी को बांग्लादेशी घुसपैठियों को देने का काम किया गया, यहां के लोगों को रोजगार देने के बजाय पलायन के लिए मजबूर किया गया। आपको याद होगा कि ममता बनर्जी नंदीग्राम के आंदोलन से सत्ता में आई थीं, लेकिन उससे इन्होंने कुछ सीखा नहीं। यहां के युवाओं को न रोजगार मिला और न अवसर मिले और वो पलायन के लिए मजबूर हो गया।

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