परीक्षा का उत्सव मनाएं

यह समय अनुपयोगी एवं व्यर्थ गतिविधियों में नहीं गंवाना चाहिए

परीक्षा का उत्सव मनाएं

अतीत पर ध्यान केंद्रित करने में समय बर्बाद न करें

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'परीक्षा पे चर्चा' कार्यक्रम में विद्यार्थियों को अत्यंत महत्त्वपूर्ण सुझाव दिए हैं। सिर्फ अंकों पर नहीं, जीवन को बेहतर बनाने पर भी ध्यान देना चाहिए। विद्यार्थी जीवन वह समय होता है, जब किसी व्यक्ति के भविष्य की नींव तैयार होती है। यह समय अनुपयोगी एवं व्यर्थ गतिविधियों में नहीं गंवाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने सत्य कहा कि 'देश में डेटा सस्ता होने का यह मतलब नहीं है कि इंटरनेट पर समय बर्बाद करें।' आज कई विद्यार्थी ऐसा कर रहे हैं। वे पढ़ाई के दौरान कुछ सर्च करने के लिए फोन लेते हैं। उसके बाद इंटरनेट की दुनिया में इतने खो जाते हैं कि एक-दो घंटे बाद ही उससे बाहर निकल पाते हैं। जो विद्यार्थी रोजाना काफी समय मोबाइल फोन के साथ बिताते हैं और उस पर महत्त्वहीन सामग्री देखते हैं, उनके लिए पढ़ाई में रुचि विकसित करना मुश्किल होता है। वे थकान महसूस करने लगते हैं। पढ़ाई से दूरी उन पर मानसिक बोझ डालती है। कई विद्यार्थी सालभर पढ़ाई को गंभीरता से नहीं लेते। वे मोबाइल फोन और फिल्में देखने में समय बिताते हैं। जैसे ही परीक्षा नजदीक आती है, उन्हें बेचैनी होने लगती है। उन्हें पाठ्यपुस्तकें डरावनी लगती हैं। ऐसी नौबत न आए, इसके लिए जरूरी है कि सत्र शुरू होते ही खुद को अनुशासित किया जाए। इंटरनेट का सदुपयोग किया जाए। यह विज्ञान का ऐसा वरदान है, जो विद्यार्थियों के कौशल में निखार ला सकता है। अपने मोबाइल फोन में गणित, विज्ञान, अंग्रेजी और अन्य विषयों से संबंधित ऐप रखेंगे तो उनमें रुचि विकसित होगी।

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जो ऐप समय बर्बाद करें, जीवन में कोई सकारात्मक बदलाव लेकर न आएं, उन्हें हटा देने में ही भलाई है। हर विद्यार्थी को इतना अनुशासित जरूर होना चाहिए। अक्सर देखने में आता है कि कुछ विद्यार्थी खास विषयों से दूर रहते हैं। वे उन्हें कठिन समझते हैं। वे जब उन्हें पढ़ते हैं तो मन पर एक डर छाया रहता है। इस तरह की गई पढ़ाई मेहनत का आधा-अधूरा ही परिणाम दिलाती है। जो विषय कठिन लगता है, उसे कठिन मानने के बजाय यह सोचकर पढ़ाई करनी चाहिए कि इसको विशेष ध्यान की जरूरत है, क्योंकि यही विशेष सफलता दिलाएगा। उस विषय में ज्यादा रुचि लेनी चाहिए। उसका रोजाना अध्ययन करना चाहिए। इंटरनेट की मदद से सहायक अध्ययन सामग्री की मदद ली जा सकती है। कुछ समय बाद वह विषय सबसे आसान लगेगा। हाल के वर्षों में ऑनलाइन गेमिंग में विद्यार्थियों की रुचि बहुत बढ़ी है। इससे उनके परिजन और शिक्षक चिंतित हैं। अगर स्कूली पढ़ाई से संबंधित विभिन्न विषयों पर ऑनलाइन गेम प्रस्तुत किए जाएं तो इससे विद्यार्थियों को बहुत फायदा होगा। किसी समीकरण को हल करना हो, किसी का मान ज्ञात करना हो, विज्ञान के किसी प्रयोग से जुड़ा प्रश्न हो, व्याकरण से जुड़ी कोई समस्या हो - अगर ये सब बातें ऑनलाइन गेम का हिस्सा बन जाएं तो बच्चों को इसमें आनंद आएगा। साथ ही, उनके ज्ञान में वृद्धि होगी। प्रधानमंत्री द्वारा दी गई यह सलाह अत्यंत प्रासंगिक है कि 'अतीत पर ध्यान केंद्रित करने में समय बर्बाद न करें, आगे आने वाले जीवन के बारे में सोचें।' परीक्षा हमारे जीवन का एक हिस्सा है। यह संपूर्ण जीवन नहीं है। अगर किसी विषय में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाए तो दु:खी होने के बजाय अन्य विषयों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। प्रधानमंत्री के ही शब्दों में- 'परीक्षाएं त्योहारों की तरह होती हैं, उनका उत्सव मनाएं।' अगर यह सोच पैदा हो जाए तो परीक्षा के दौरान होने वाली घबराहट गायब हो जाए।

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